
Nandigram by-Election: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। ममता बनर्जी गुट ने बीजेपी प्रत्याशी हासिरानी रथ के चुनावी हलफनामे में कथित विसंगतियों का आरोप लगाते हुए उनका नामांकन रद्द करने की मांग की है।
पार्टी की आईटी और सोशल मीडिया विंग ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी प्रत्याशी हासिरानी रथ के हलफनामे में उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक बताई गई है और उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने वर्ष 1965 में कक्षा 10 की परीक्षा पास की थी।
पार्टी का कहना है कि हलफनामे में जिस स्कूल का उल्लेख किया गया है, उसे कक्षा 10 की पढ़ाई के लिए मंजूरी वर्ष 1973 में मिली थी। AITC ने आरोप लगाया कि झूठी जानकारी देने के कारण उनका नामांकन रद्द किया जाना चाहिए।
इस पर बीजेपी की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बीजेपी नेता शिशिर बाजोरिया ने कहा कि यदि हलफनामे में कोई विसंगति है तो इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर कोई विसंगति है तो उन्हें चुनाव आयोग में शिकायत करनी चाहिए। चुनाव आयोग इस पर फैसला करेगा।
वहीं, एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी विसंगति की जानकारी नहीं है। अधिकारी के मुताबिक हमें अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।
नंदीग्राम उपचुनाव में राजनीतिक समीकरण उस समय बदल गया जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के साथ बैठक के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद उनके गुट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का फैसला किया।
हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद ही मिलन प्रधान को वर्ष 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े करीब दो दशक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ, चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ, शुभेन्दु अधिकारी के निजी सहायक थे। उनकी हत्या उस समय हुई थी जब बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में मई में विधानसभा चुनाव जीतकर पहली बार सरकार बनाने की तैयारी की थी।
नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव शुभेन्दु अधिकारी द्वारा अपनी दो विधानसभा सीटों में से भवानीपुर सीट बरकरार रखने और नंदीग्राम सीट छोड़ने के बाद हो रहा है।
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना और परिणाम की घोषणा 9 अक्टूबर को की जाएगी।
चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर के उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” नाम और फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिह्न आवंटित किया है। वहीं, प्रतिद्वंद्वी गुट को “डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस” नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न दिया गया है।