
Nandigram by-election Sanchita Pradhan Dey : कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को बड़ा झटका लगा है। 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' की उम्मीदवार सांचीता प्रधान डे ने चुनावी मैदान से अपना नामांकन वापस ले लिया है। खास बात यह है कि नामांकन वापसी से एक दिन पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी।
सांचीता प्रधान डे को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया था। पार्टी ने 13 सितंबर को उनके नाम का ऐलान किया था। नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। नामांकन वापस लेने के फैसले के बाद नंदीग्राम की चुनावी तस्वीर में अचानक बदलाव आया है। वहीं, शुभेंदु अधिकारी से उनकी मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सांचीता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' के पास नंदीग्राम उपचुनाव के लिए फिलहाल कोई उम्मीदवार नहीं है। नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
नंदीग्राम उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब तृणमूल कांग्रेस में संगठन और चुनाव चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट आमने-सामने हैं। दोनों पक्षों ने पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा किया था। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को दोनों गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए। ममता बनर्जी के गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' और 'फुटबॉल प्लेयर' चुनाव चिन्ह मिला है, जबकि ऋतब्रत बनर्जी के गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' और 'एनवेलप' चुनाव चिन्ह दिया गया है।
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में सांचीता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने को लेकर ममता बनर्जी ने सफाई दी है। ANI के इस सवाल पर कि क्या संचिता प्रधान (डे) ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से अपना नामांकन इसलिए वापस लिया क्योंकि पार्टी अब कांग्रेस का समर्थन कर रही है। इस पर ममता बनर्जी ने कहा कि नहीं, ऐसा नहीं है। हमने पहले ही कांग्रेस का समर्थन करने का फैसला कर लिया था क्योंकि उनका उम्मीदवार अच्छा है।