
सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी। फाइल फोटो- पत्रिका
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में छह उम्मीदवार मैदान में हैं। पूर्वी मेदिनीपुर जिले की इस सीट को फिलहाल भाजपा का मजबूत गढ़ माना जा रहा है। ऐसे में उपचुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि भाजपा के बाद दूसरे स्थान पर कौन रहेगा। नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद हो रहा है। इस साल हुए विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया।
भाजपा ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को प्रत्याशी बनाया है। वह शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद 6 मई को उत्तर 24 परगना जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हसीरानी रथ की उम्मीदवारी को भाजपा के लिए भावनात्मक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, पूर्वी मेदिनीपुर जिले की सभी 16 विधानसभा सीटों पर इस साल भाजपा ने जीत दर्ज की थी। वर्ष 2021 के बाद से शुभेंदु अधिकारी के प्रभाव के चलते नंदीग्राम में भाजपा का मजबूत आधार बना हुआ है। ऐसे में उपचुनाव में विपक्षी दलों के सामने भाजपा के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती है। चुनावी मैदान में छह उम्मीदवार होने के कारण मुकाबला बहुकोणीय हो गया है।
भाजपा की हसीरानी रथ के अलावा पांच उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के गुट ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया है। वहीं ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से एहतेशमुल हक मैदान में हैं। इसके अलावा सीपीआई ने शांति गोपाल गिरी, कांग्रेस ने मिलन प्रधान और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) ने मोहम्मद साबे मिराज अली खान को उम्मीदवार बनाया है।
उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस के साथ चुनावी समझौते की कोशिश की थी। तृणमूल कांग्रेस की ओर से प्रस्ताव दिया गया था कि अगर कांग्रेस रेजीनगर सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारती है तो TMC नंदीग्राम से अपना प्रत्याशी वापस ले लेगी। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर अलग-अलग दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं और बहुकोणीय मुकाबला तय हो गया है।
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान होगा। दोनों सीटों के नतीजों की मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी। नंदीग्राम में भाजपा के प्रभाव के बीच अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि अन्य उम्मीदवारों में कौन अपनी स्थिति मजबूत कर पाता है।
Updated on:
17 Sept 2026 03:23 pm
Published on:
17 Sept 2026 03:23 pm
