
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (सोर्स: ANI)
India-Pakistan Tensions: अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के जहाजों के बीच टक्कर का मामला सामने आने के बाद दोनों देशों के दावे आमने-सामने हैं। पाकिस्तान ने घटना के लिए भारतीय जहाज को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, भारत ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया। भारत का कहना है कि पाकिस्तानी नौसेना के जहाज ने खतरनाक तरीके से भारतीय युद्धपोत को ओवरटेक किया। इसी दौरान दोनों जहाजों के बीच टक्कर हुई।
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह घटना 15 सितंबर की रात पश्चिमी अरब सागर में हुई। उस समय भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS कोलकाता नियमित तैनाती पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का जहाज PNS हुनैन उसके करीब आया। भारत का दावा है कि PNS हुनैन ने समुद्र में गलत और गैर-पेशेवर तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी वजह से दोनों जहाजों के बीच टक्कर हुई।
वहीं पाकिस्तान का दावा इससे अलग है। उसके विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि घटना पाकिस्तान के ‘विशेष आर्थिक क्षेत्र’ यानी EEZ में हुई। पाकिस्तान ने भारतीय जहाज की कार्रवाई को उकसावे वाली और अस्वीकार्य बताया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को इस मामले पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया।
बता दें इससे पहले भारत ने बुधवार को पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी'अफेयर्स को भी तलब किया था। उनके सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। भारत ने यह भी कहा कि PNS हुनैन का व्यवहार 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एक समझौते के प्रावधानों के खिलाफ था। इस समझौते के अनुच्छेद 10 में समुद्र में दोनों देशों की नौसेना यूनिट्स के बीच कम से कम तीन नॉटिकल मील की दूरी बनाए रखने की बात कही गई है।
भारत के मुताबिक, इस घटना में INS कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। भारतीय युद्धपोत घटना के बाद भी समुद्र में तैनात रहा। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी जहाज ने समुद्र में टक्कर रोकने से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारत ने कहा है कि दोनों देशों की सैन्य इकाइयों को आपसी समझौतों के नियमों का सम्मान करना चाहिए।
Updated on:
18 Sept 2026 06:18 pm
Published on:
18 Sept 2026 06:18 pm
