जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विशेष दर्जे के मुद्दे पर तीखी बहस हुई। NC विधायक जावेद बेग के बोलते ही हंगामा मचा, विधायकों के बीच मारपीट तक हुई।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस और विपक्षी भाजपा सदस्यों के बीच जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के मुद्दे पर तीखी बहस हुई।
जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक जावेद बेग ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के बारे में बोलना शुरू किया, तो सदन में हंगामा हो गया। यहां तक कि सदन में विधायकों के बीच मारामारी तक हो गई।
विपक्ष के नेता और BJP विधायक सुनील शर्मा ने यह कहकर उनका विरोध किया कि विशेष दर्जे जैसी कोई चीज नहीं है। शर्मा ने कहा- अगर आप मुझे भारतीय संविधान में 'विशेष दर्जा' शब्द दिखा सकते हैं, तो मैं कोई भी सजा भुगतने को तैयार हूं। सदन में चिल्लाने से काम नहीं चलेगा।
विपक्षी के नेता के बयान का नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने अनुच्छेद 370 के समर्थन में नारे लगाकर विरोध किया। BJP विधायकों ने भी नारे लगाए, जिससे कुछ मिनटों तक हंगामा होता रहा।
J&K का विशेष दर्जा 5 अगस्त, 2019 को संसद द्वारा खत्म कर दिया गया था, जब अनुच्छेद 370 को हटाया गया था। उसी दिन J&K को दो केंद्र शासित प्रदेशों J&K और लद्दाख में भी बांट दिया गया था।
तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के इस्तीफे के बाद जून 2017 से पूर्ववर्ती राज्य में केंद्र का शासन चल रहा था, जब BJP ने PDP के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।
अगस्त 2019 से पहले राष्ट्रपति शासन लागू था और इसे 13 अक्टूबर, 2024 को हटा दिया गया, जिससे चुनी हुई सरकार के लिए रास्ता साफ हुआ। 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री बने।
90 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के 41 सदस्य हैं। 6 सदस्यों वाली कांग्रेस बाहर से नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार को समर्थन दे रही है। 29 सदस्यों वाली BJP सबसे बड़ी विपक्षी और विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है।
कांग्रेस के 6 सदस्य, PDP के 4, CPI के 1, आम आदमी पार्टी के 1, अवामी इत्तेहाद पार्टी के 1, पीपल्स कॉन्फ्रेंस के 1 सदस्य और 6 निर्दलीय हैं, जिनमें से पांच बाद में नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हो गए।