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NEET अभ्यर्थी अनिता की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिली तो भड़का विवाद, विधानसभा में गरमाई सियासत

Udhayanidhi Stalin: तमिलनाडु विधानसभा में NEET अभ्यर्थी एस. अनिता की पुण्यतिथि पर NEET परीक्षा को रद्द करने की मांग गूंजी। इस दौरान स्मृति कार्यक्रम की अनुमति को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। पढ़ें पूरी खबर...
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Sep 01, 2026
Tamil Nadu NEET News, Udhayanidhi Stalin, Aadhav Arjun, Besant Nagar Event
विजय सरकार में मंत्री आधव अर्जुन (फोटो सोर्स- ANI)

NEET Exam Controversy: तमिलनाडु विधानसभा में NEET परीक्षा का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया। नीट की वजह से अपनी जान गंवाने वाली 17 वर्षीय मेडिकल अभ्यर्थी एस. अनिता की पुण्यतिथि के अवसर पर सदन में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। हालांकि, अनिता की याद में आयोजित होने वाले एक सार्वजनिक स्मृति कार्यक्रम की अनुमति को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली।

कौन थी अनिता और क्यों हुआ था विरोध?

एस. अनिता तमिलनाडु के अरियालुर जिले के ग्रामीण इलाके की एक मेधावी छात्रा थी। साल 2017 में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 1,200 में से 1,176 अंक और 196.75 का कट-ऑफ हासिल करने के बावजूद, NEET में कम अंक आने के कारण उसे एमबीबीएस की सीट नहीं मिल सकी थी। सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने के बाद 1 सितंबर 2017 को उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। उसकी मौत के बाद पूरे राज्य में NEET को हटाने के लिए बड़ा आंदोलन शुरू हो गया था।

कार्यक्रम की परमिशन पर क्यों हुआ विवाद?

विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा में मुद्दा उठाया कि अनिता की पुण्यतिथि पर छात्रों द्वारा बेसेंट नगर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को सरकार ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि अनिता के भाई ने भी उनसे मुलाकात कर इस कार्यक्रम की अनुमति की मांग की थी। स्टालिन ने सवाल किया कि जो सरकार हमेशा NEET का विरोध करती रही है, वह अनिता को श्रद्धांजलि देने वाले कार्यक्रम को क्यों रोक रही है।

सरकार ने दी सफाई

विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री आधव अर्जुन ने बताया कि धार्मिक त्योहारों के चलते बेसेंट नगर में अत्यधिक भीड़ जुटने की आशंका थी, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, विपक्ष के नेता ने तर्क दिया कि चर्च का उत्सव समाप्त हो चुका है और इलाके में कोई भीड़ नहीं है। इस पर मंत्री आधव अर्जुन ने आश्वासन दिया कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर छात्रों की भावना समझती है और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के लिए तुरंत किसी दूसरी जगह की व्यवस्था करेगी।

2029 तक NEET समाप्त करने का संकल्प

सदन में बहस के दौरान मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्रियों ने समय-समय पर NEET के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए हैं, लेकिन केंद्र सरकार राज्य की मांग को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2029 के लोकसभा चुनावों तक यह स्थिति बदलेगी और राज्य नीट को खत्म करने के अपने संकल्प पर कायम रहेगा।

Updated on:
01 Sept 2026 01:37 pm
Published on:
01 Sept 2026 01:32 pm