1 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बेंगलुरु के टेक इंजीनियर ने 65 लाख से ज्यादा की सैलरी का ऑफर ठुकराया, पिता भी रह गए हैरान

बेंगलुरु के 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर डेवलपर ने 45 लाख रुपए सालाना पैकेज के बावजूद 20 लाख रुपए के अतिरिक्त हाइक का ऑफर ठुकरा दिया। प्रमोशन के साथ देर रात कॉल, लगातार यात्रा और बड़ी टीम की जिम्मेदारी बढ़ने वाली थी।
2 min read
Google source verification

भारत

image

kamlesh sharma

Sep 01, 2026

Salary Hike

Salary Hike (photo-patrika)

बेंगलुरु। भागदौड़ भरी कॉर्पोरेट जिंदगी और मोटी सैलरी की दौड़ के बीच बेंगलुरु के एक 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर डेवलपर ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 45 लाख रुपए सालाना पैकेज पर काम कर रहे इस टेक इंजीनियर को कंपनी ने करीब 20 लाख रुपए का अतिरिक्त सालाना हाइक देने की पेशकश की थी। प्रमोशन स्वीकार करने पर उसका पैकेज 65 लाख रुपए से ज्यादा हो जाता। हालांकि, इंजीनियर ने यह ऑफर ठुकरा दिया। उसके इस फैसले से पिता भी हैरान रह गए। वहीं, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इंजीनियर के फैसले को महत्वाकांक्षा के बजाय जीवन की प्राथमिकताओं को समझने वाला कदम बताया है।

ऑफर के साथ बढ़ने वाली थीं जिम्मेदारियां

बिजनेस कंसल्टेंसी फर्म यूएबिलिटी के संस्थापक रोहन धवन ने LinkedIn पर यह कहानी साझा की। उनके मुताबिक, उनके 31 वर्षीय दोस्त की मौजूदा सालाना आय 45 लाख रुपए है। प्रमोशन स्वीकार करने पर उसे 65 लाख रुपए से ज्यादा का पैकेज, वरिष्ठ पद और बड़ी टीम की जिम्मेदारी मिलती। हालांकि, ज्यादा सैलरी के साथ काम का दबाव भी काफी बढ़ने वाला था। नई भूमिका में सप्ताह में चार रात अमरीका की टीम के साथ देर रात तक कॉल करनी पड़ती। इसके अलावा काम के सिलसिले में लगातार यात्रा करनी होती और मौजूदा टीम से करीब दोगुनी बड़ी टीम को संभालना पड़ता। इसका असर उसके निजी समय पर भी पड़ता। शनिवार और रविवार कागजों पर छुट्टी के दिन होते, लेकिन काम की जिम्मेदारियों के कारण वास्तव में उनके पूरी तरह खाली रहने की कोई गारंटी नहीं थी।

परिवार और फिटनेस को दी प्राथमिकता

रोहन धवन के मुताबिक, इंजीनियर और उसकी पत्नी अगले साल बच्चे की योजना बना रहे हैं। वह सप्ताह में पांच दिन सुबह वर्कआउट करता है और हर बुधवार अपने माता-पिता के साथ खाना खाने का समय निकालता है। ऐसे में उसने ज्यादा सैलरी के बजाय अपनी मौजूदा दिनचर्या और पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता देने का फैसला किया।

पिता ने पूछा- इतनी बड़ी रकम क्यों छोड़ी?

जब इंजीनियर ने 20 लाख रुपए के अतिरिक्त पैकेज का ऑफर ठुकराया तो उसके पिता भी हैरान रह गए। उन्होंने सवाल किया कि जब इतनी बड़ी रकम अतिरिक्त मिल रही थी तो उसने इसे क्यों छोड़ दिया? आखिर कई लोग इससे कहीं कम सैलरी बढ़ोतरी के लिए भी नौकरी बदलने को तैयार रहते हैं। हालांकि, इंजीनियर के लिए यह फैसला केवल पैसे का नहीं था। उसने माना कि ज्यादा कमाई के साथ मिलने वाली अतिरिक्त जिम्मेदारियां उसके निजी जीवन और परिवार के लिए उपलब्ध समय को प्रभावित कर सकती थीं।

सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?

रोहन धवन की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने इंजीनियर के फैसले का समर्थन किया। एक यूजर ने बताया कि उसने भी पिछले साल करीब 80 फीसदी हाइक वाला ऑफर ठुकरा दिया था, क्योंकि उस समय उसके घर में छोटा बच्चा था। यूजर ने कहा कि जिंदगी के अलग-अलग पड़ाव पर प्राथमिकताएं बदलती रहती हैं। वहीं, एक अन्य यूजर ने इसे साहसिक और समझदारी भरा फैसला बताया। उसका कहना था कि जिंदगी के हर पहलू को सिर्फ बैंक बैलेंस से तय नहीं किया जा सकता।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग