NEET Paper Leak Case: नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NTA पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि एजेंसी ने पिछली गलतियों से कोई सबक नहीं सीखा। अदालत ने NTA, केंद्र सरकार और CBI से तीन दिन में हलफनामा मांगा है।
NEET Paper Leak Case: नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि पिछली घटनाओं के बावजूद एनटीए ने कोई सबक नहीं सीखा।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए एनटीए से तीन दिन के भीतर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अदालत ने पूछा है कि पिछली बार पेपर लीक मामले के बाद गठित उच्चाधिकार समिति की सिफारिशों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई।
सुनवाई के दौरान जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने कहा, “हमें बहुत दुख है कि एनटीए ने कोई सबक नहीं सीखा। हमने पिछली बार पेपर लीक मामले में सिफारिशें देने के लिए एक उच्चाधिकार समिति गठित करने का आदेश दिया था। उसकी सिफारिशों पर अमल का क्या हुआ?”
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब नीट परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
याचिका में मांग की गई है कि नीट परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी एनटीए से वापस ली जाए और इसके लिए एक मजबूत एवं स्वायत्त नई एजेंसी बनाई जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने ताजा पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार, एनटीए और सीबीआई से भी जवाब मांगा है। इसके अलावा अदालत ने इसरो के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार समिति को भी निर्देश दिया है कि वह अपनी सिफारिशों पर अमल के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी हलफनामे के जरिए दे।
इसी बीच महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक दुखद मामला सामने आया है। गोंडेगांव की रहने वाली छात्रा मैथिली ने कथित तौर पर नीट परीक्षा रद्द होने के तनाव में आत्महत्या कर ली।
मैथिली का शव 16 मई को पेड़ से लटका मिला था। छात्रा के पिता अशोक सोनवणे ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनकी बेटी परीक्षा रद्द होने से बेहद तनाव में थी। वह बार-बार कह रही थी कि उसका पेपर अच्छा गया था और अब परीक्षा रद्द होने के बाद भविष्य का क्या होगा।
नीट पेपर लीक मामले ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद आने वाले दिनों में परीक्षा प्रणाली और एनटीए की कार्यप्रणाली को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है।