
NEET-UG 2024 Paper Leak: नीट यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि जांच के दौरान कथित मास्टमाइंड माने जाने वाले संजीव मुखिया की प्रश्नपत्र चोरी या उससे वितरण में संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला है। दरअसल, बिहार पुलिस ने पेपर लीक मामले में नालंदा निवासी संजीव मुखिया को आरोपी बनाया था।
सीबीआई ने बताया कि बिहार पुलिस ने NEET-UG प्रश्नपत्र चोरी का मामला दर्ज किया था। शुरुआती जांच में संजीव मुखिया पर संदेह जताया गया, क्योंकि उसका नाम पहले भी कुछ अन्य पेपर लीक मामलों में सामने आ चुका था। इसी आधार पर बिहार पुलिस ने उसे FIR में आरोपी बनाया था।
बाद में यह मामला CBI को सौंप दिया गया। एजेंसी ने जांच के दौरान प्रश्नपत्र चोरी से लेकर उसके वितरण तक की पूरी साजिश का खुलासा किया। साथ ही इसमें शामिल सभी आरोपियों की पहचान भी की।
बता दें कि सीबीआई ने इस मामले में पटना की अदालत में 45 आरोपियों के खिलाफ कई चार्जशीट दाखिल की हैं। CBI के प्रवक्ता ने कहा कि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिल, जिससे यह साबित किया जा सके कि संजीव मुखिया NEET-UG 2024 के प्रश्नपत्र की चोरी या उसके वितरण में शामिल था।
सीबीआई ने यह भी बताया कि जांच के दौरान संजीव मुखिया लंबे समय तक फरार रहा। बाद में उसे बिहार पुलिस ने गिरफ्तार किया। चूंकि उसका नाम FIR में दर्ज था, इसलिए CBI ने भी उससे NEET-UG मामले में पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड लिया।
हालांकि, पूछताछ और विस्तृत जांच के बाद उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला। इसी कारण CBI ने उसके खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की। इसके बाद उसे NEET-UG मामले में जमानत मिल गई।
CBI ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत मिलने के बावजूद संजीव मुखिया न्यायिक हिरासत में रहा, क्योंकि बिहार पुलिस द्वारा जांचे जा रहे अन्य मामलों में वह आरोपी है।
सीबीआई का कहना है कि NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले की गहन जांच में पूरी साजिश का पर्दाफाश किया गया है, सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और यह सुनिश्चित किया गया है कि इस मामले में कोई भी दोषी कानून की गिरफ्त से बच न सके।