NEET UG Paper Leak Updates: CBI ने अब बायोलॉजी की पेपर सैटर प्रोफेसर को भी गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पुणे की स्पेशल क्लास, 21 बैंक अकाउंट और NTA के अंदर तक फैले नेटवर्क को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं।
NEET UG 2026 Paper Leak: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक और बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने बायोलॉजी के प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स की बॉटनी प्रोफेसर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि मंधारे पिछले पांच वर्षों से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से विशेषज्ञ के रूप में जुड़ी थीं और प्रश्नपत्रों तक उनकी सीधी पहुंच थी।
इससे पहले केमिस्ट्री पेपर लीक मामले में प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब लगातार दूसरी गिरफ्तारी के बाद जांच सीधे NTA के अंदर तक पहुंच गई है।
CBI सूत्रों के मुताबिक, मनीषा मंधारे की जानकारी ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे से पूछताछ के दौरान सामने आई। दोनों एक ही बिल्डिंग में रहती थीं और अच्छी दोस्त थीं।
जांच में पता चला कि वाघमारे ने मंधारे को पेपर लीक के जरिए पैसे कमाने का लालच दिया था। इसके बाद मंधारे ने अपने साथी और पेपर सैटर प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को भी इस नेटवर्क में शामिल किया।
CBI की जांच में सामने आया है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह में पुणे में एक विशेष क्लास आयोजित की गई थी। इसमें कई अभ्यर्थियों को बुलाकर बायोलॉजी पेपर के जूलॉजी और बॉटनी से जुड़े प्रश्न और उनके सही विकल्प नोट करवाए गए।
इतना ही नहीं, छात्रों को किताबों में संबंधित सवाल मार्क भी करवाए गए थे। बाद में 3 मई को हुई NEET परीक्षा में अधिकांश सवाल हूबहू आए। जांच एजेंसियों का मानना है कि यहीं से प्रश्नपत्र आगे बड़े नेटवर्क में लीक हुआ।
CBI अब तक इस मामले में मंधारे सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी को शक है कि एक और शिक्षक इस पूरे नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहा था, जिसकी तलाश जारी है।
शनिवार को CBI ने दिल्ली की विशेष अदालत में प्रोफेसर कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे को पेश किया। अदालत ने दोनों को 10 दिन की रिमांड पर CBI को सौंप दिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित बिचौलिया मनीषा वाघमारे के पास करीब 21 बैंक खाते हैं। इन खातों में लाखों रुपए के लेन-देन के संकेत मिले हैं।
CBI अब इन बैंक खातों के जरिए पूरे नेटवर्क और पैसे के ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
CBI ने पुणे, नासिक, जयपुर, गुरुग्राम और अहिल्यानगर समेत देशभर के कई शहरों में छापेमारी की है। जांच एजेंसी ने कई दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
उधर, कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने शनिवार को दिल्ली में NTA मुख्यालय और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
NEET-UG की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। NTA के अनुसार इस परीक्षा के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे और छात्रों को नया परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा।
हालांकि केवल वही अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा में बैठ सकेंगे, जिन्होंने 3 मई की परीक्षा के लिए पहले एडमिट कार्ड डाउनलोड किया था। NTA 21 मई से परीक्षा फीस रिफंड के लिए ऑनलाइन आवेदन भी शुरू करेगी।
यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (यूडीएफ) ने एनटीए की मौजूदा व्यवस्था को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि एनटीए की जगह संसद के कानून से गठित एक स्वतंत्र और संवैधानिक जवाबदेही वाली राष्ट्रीय परीक्षा प्राधिकरण बनाई जाए। यूडीएफ के चेयरपर्सन डॉ. लक्ष्य मित्तल की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि वर्तमान में एनटीए सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट-1860 के तहत पंजीकृत संस्था के रूप में काम कर रही है, जबकि यह हर साल दो करोड़ से अधिक छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाएं आयोजित करती है। ऐसे में इतनी संवेदनशील और हाई-स्टेक्स परीक्षा प्रणाली परीक्षा प्रणाली केवल प्रशासनिक ढांचे पर नहीं चल सकती।