
NEET UG Paper Leak Case: NEET UG पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ा दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के बीच अदालत ने सभी आरोपियों की हिरासत अवधि बढ़ाने का फैसला सुनाया।
जिन आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई है, उनमें शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, तेजस हर्षद कुमार शाह, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, मांगी लाल बिवाल, यश यादव, प्रह्लाद कुलकर्णी, डॉ. मनोज शिरूरे, धनंजय लोखंडे, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवालदार शामिल हैं।
पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद सभी 13 आरोपियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की प्रगति और जांच की स्थिति को ध्यान में रखते हुए न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत को बताया कि NEET UG पेपर लीक मामले की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि मामले में आगे कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है। CBI लगातार पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क, आरोपियों की भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।
NEET UG पेपर लीक मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच एजेंसियां इस मामले में जुड़े सभी संदिग्धों और संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और कार्रवाई होने की संभावना है।
NEET UG 2026 पेपर लीक मामला 3 मई 2026 को हुए परीक्षा का एक बड़ा घोटाला है, जिसमें NTA द्वारा आयोजित परीक्षा में लगभग 22.8 लाख छात्रों के लिए प्रश्न पत्र लीक हो गया। परीक्षा के कुछ दिनों बाद राजस्थान (खासकर सीकर) में एक हैंडराइटन गेस पेपर वायरल हुआ, जिसमें केमिस्ट्री और बायोलॉजी के करीब 120 प्रश्न असली पेपर से मैच कर गए।