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पश्चिम बंगाल सरकार ने UCC पर बढ़ाया कदम, ड्रॉफ्ट बिल की समीक्षा के लिए 9 सदस्यीय समिति की गठित

UCC Draft Bill: पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी के ड्राफ्ट बिल की समीक्षा के लिए 9 सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति ड्राफ्ट बिल का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी।
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West Bengal government forms committee to review UCC draft Bill.

पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेन्दु अधिकारी (Photo-IANS)

Uniform Civil Code West Bengal: पश्चिम बंगाल की भाजपा नीत शुभेन्दु अधिकारी सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) के ड्राफ्ट बिल की समीक्षा के लिए 9 सदस्यीय समिति का गठन किया है। राज्य सरकार की ओर से 10 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार पहले ही 'यूनिफॉर्म सिविल कोड, पश्चिम बंगाल, 2026' नामक एक ड्राफ्ट बिल तैयार कर चुकी है। इसका ड्रॉफ्ट बिल का उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के लिए, उनके धर्म, आस्था या समुदाय की परवाह किए बिना, विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत सहित व्यक्तिगत नागरिक कानूनों के महत्वपूर्ण पहलुओं पर एक व्यापक कानूनी ढांचा तैयार करना है।

इसी क्रम में, विषय की व्यापकता और जटिलता को देखते हुए ड्राफ्ट बिल की विस्तृत जांच और समीक्षा के लिए 9 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति इस ड्राफ्ट बिल का अध्ययन करने के बाद अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी। इस समिति का अध्यक्षता सेवानिवृत्त जज रंजन प्रकाश देसाई करेंगे।

बता दें कि राज्य सरकार आगामी अगस्त में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान इस विधेयक को सदन में पेश करने की योजना बना रही है। हालांकि, इस कानून के दायरे से आदिवासी समुदायों को बाहर रखा जा सकता है।

पश्चिम बंगाल UCC ड्रॉफ्ट बिलः समीक्षा के लिए गठित समिति के सदस्य

क्रमांकनामपद
1.न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजन प्रकाश देसाईअध्यक्ष
2.तथागत रॉय (मेघालय के पूर्व राज्यपाल)सदस्य
3.दुष्यंत नारियाला, IAS (रेजिडेंट कमिश्नर)सदस्य
4.शत्रुघ्न सिंह, IAS (सेवानिवृत्त)सदस्य एवं वरिष्ठ सलाहकार
5.संगमित्रा घोष, IAS (प्रधान सचिव, गृह एवं पर्वतीय मामले विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार)सदस्य-संयोजक
6.डॉ. रत्ना भट्टाचार्य (सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, मानवशास्त्र विभाग, बंगबासी कॉलेज)सदस्य
7.गोपालचंद्र मिश्रा (पूर्व कुलपति, गौड़ बंगा विश्वविद्यालय; पूर्व डीन, कला संकाय, रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय; सेवानिवृत्त प्रोफेसर)सदस्य
8.उस्मान गनी मल्लिक (अधिवक्ता, कलकत्ता उच्च न्यायालय)सदस्य
9.निर्मल्या भट्टाचार्य (पूर्व कार्यकारी निदेशक, पूर्व राष्ट्रीय संयुक्त परियोजना समन्वयक, पूर्व संयुक्त महासचिव, बंगाल संभाग; उपाध्यक्ष)सदस्य

उत्तराखंड UCC लागू करने वाला है पहला राज्य

आपको बता दें कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने वाला पहला राज्य है। इसके बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम जैसे कई राज्य भी UCC लागू करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। हाल ही में महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने भी UCC ड्रॉफ्ट के लिए 7 सदस्यीय कमेटी गठित की थी।