
अनब्रत मंडल (Photo- IANS)
Trinamool Congress: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बीरभूम के कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल के TMC के बागी गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में बातचीत हो चुकी है और जल्द ही इसे लेकर औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 'ऋतब्रत बनर्जी ने TMC के बागी गुट की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन कहा, 4 मई के बाद से मेरी अनुब्रत मंडल से कम से कम 30 बार बात हुई है।
मुर्शिदाबाद जिले की रघुनाथगंज विधानसभा सीट से TMC के बागी विधायक मोहम्मद अक्रूज्जमान ने कहा, इंतजार कीजिए, सब कुछ साफ हो जाएगा। हालांकि, जब इस बारे में अनुब्रत मंडल से बात की गई, तो उन्होंने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
ऋतब्रत खेमे के मुताबिक, यदि अनुब्रत मंडल बागी गुट में शामिल होते हैं, तो उन्हें बीरभूम जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
पश्चिम बंगाल में TMC के सत्ता गंवाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी और लंबे समय से सहयोगी रहे अनुब्रत मंडल ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चुप्पी साध रखी है। यह तब है, जब बीरभूम जिले के कई प्रमुख विधायक बागी खेमे में शामिल हो चुके हैं।
बता दें कि अनुब्रत मंडल कथित पशु तस्करी मामले में गिरफ्तार होने के बाद 25 महीने तक जेल में रहे थे। उन्हें सितंबर 2024 में जमानत पर रिहा किया गया था।
राज्य की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच बागी गुट चुनाव आयोग को भेजे जाने वाले अपने जवाब की तैयारी में जुटा है, जिसमें वह तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश करेगा।
TMC के बागी गुट की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक पर TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'ये लोग गद्दार हैं। वे सिर्फ एक नई पार्टी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जहां ममता बनर्जी हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस है। कागज पर समिति बना लेने से कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर उन्हें पार्टी में घुटन महसूस हो रही थी, तो उन्होंने TMC के चुनाव चिह्न पर चुनाव क्यों लड़ा? पार्टी से चुनावी फंड क्यों लिया? ममता बनर्जी के नाम पर प्रचार क्यों किया? वे इसलिए गए क्योंकि उन्हें भाजपा ने लुभाया।'
Updated on:
11 Jul 2026 02:24 pm
Published on:
11 Jul 2026 02:06 pm
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