
Nepal Flood India Alert: नेपाल में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इसको लेकर भारत ने सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि भारत प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नेपाल से आने वाली बाढ़ की लहर अगर गंडक नदी के रास्ते नीचे की ओर बढ़ती है और बिहार व उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जिलों को प्रभावित करती है, तो उससे निपटने के लिए प्रशासन और एनडीआरएफ की तैयारियां पूरी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और एनडीआरएफ की व्यवस्था प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में मौजूद है। भारत के पास प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की पूरी तैयारी है। नेपाल में हुई त्रासदी को लेकर हम सभी चिंतित हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और भारत की ओर से हर संभव सहायता देने की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि किसी भी पड़ोसी देश या दुनिया के किसी हिस्से में जब कोई बड़ी त्रासदी होती है, तो भारत हमेशा मानवीय आधार पर साथ खड़ा रहता है।
बता दें कि नेपाल में आई अचानक बाढ़ और नेपाल-चीन सीमा के पास ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड की घटना के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
एनडीआरएफ ने दोनों राज्यों में 20 टीमें तैनात की हैं। एजेंसियां गंडक नदी के जरिए आने वाले संभावित जलप्रवाह पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
हालांकि, एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि अभी तक भारतीय सीमा क्षेत्रों में बाढ़ का कोई प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि कुशीनगर और पश्चिमी चंपारण समेत संवेदनशील जिलों में नदी के जलस्तर और पानी के बहाव की लगातार निगरानी की जा रही है।
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारत ने भी तत्काल मानवीय सहायता उपलब्ध कराई है। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल के संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खड्ग राज पौडेल को 10 टन मानवीय राहत सामग्री सौंपी।
वहीं बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोसी के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है।