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Nepal Flash Flood: नेपाल में त्रासदी के बाद कैसी है स्थिति, वीडियो आए सामने

Nepal Flood Rescue Operation: नेपाल में ग्लेशियर टूटने और मलबे के तेज बहाव से भोटे कोसी और त्रिशूली नदियों में भीषण बाढ़ आई, जिससे भारी तबाही हुई। सैकड़ों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। नेपाली सेना राहत-बचाव में जुटी है।
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भारत

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Ashib Khan

Aug 27, 2026

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नेपाल में बाढ़ ने मचाई तबाही। (Photo-IANS)

Nepal Flash Flood: नेपाल में बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आसमान से दिखा तबाही का खौफनाक मंजर नजर आ रहा है। समाचार एजेंसी ANI ने नेपाल दूतावास के सूत्रों के हवाले से लिखा कि 175 लोगों की मौत हो चुकी है और 28 देशों के 476 लोग लापता हैं।

बाढ़ के पानी में कई लोग बह गए, वहीं बड़ी संख्या में घर, सड़कें और बिजली परियोजनाएं पूरी तरह तबाह हो गईं। हालात को देखते हुए भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है। दोनों राज्यों में नेपाल सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

भोटे कोसी और त्रिशूली नदी ने मचाई तबाही

नेपाल में भोटे कोसी और त्रिशूली नदी के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। पानी के तेज बहाव ने घरों, पुलों, सड़कों और बिजली संयंत्रों को नष्ट कर दिया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सामने आए हवाई वीडियो में कई गांव मिट्टी और मलबे से ढके नजर आ रहे हैं। कई मीटर तक जमा कीचड़ ने घरों, पेड़ों और वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया है।

सेना चला रही राहत और बचाव अभियान

नेपाली सेना लगातार हेलीकॉप्टर के जरिए राहत और बचाव अभियान चला रही है। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। कई स्थानों पर हेलीकॉप्टर से लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।

सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे है, जिनमें कई घर मलबे में तब्दील दिखाई दिए, वाहन पानी में बहते नजर आए और एक लोहे का पुल बाढ़ के तेज बहाव में गिर गया।

रासुवा जिले के स्वास्थ्यकर्मी तुला बहादुर बीके ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि नदी किनारे बसे इलाके पूरी तरह बह गए हैं। मेरे अपने पांच रिश्तेदार भी लापता हैं।

बचाव और राहत अभियान तेज

नेपाल के सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में हेलीकॉप्टर के जरिए टेंट, भोजन और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। नेपाली सेना के प्रवक्ता राजा राम बस्नेत के मुताबिक, राहत सामग्री भारत की ओर से उपलब्ध कराई गई है।

भारत ने नेपाल के लिए 10 मीट्रिक टन आपदा राहत सामग्री भेजी है। इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल हैं।

बचाव कार्य और शवों की तलाश के लिए सेना और पुलिस के 5,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। वहीं, अमेरिका ने भी आपदा राहत सलाहकार भेजने और 5 लाख डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है।

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, 826 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल नेपाल-चीन सीमा के पास प्रभावित इलाकों में लगातार खोज अभियान चला रहे हैं।

कैसे आई इतनी भयावह बाढ़?

अमेरिकी भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, ग्लेशियर टूटने के कारण भूकंपीय गतिविधि हुई, जिसके बाद नेपाल और तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ की स्थिति पैदा हुई।

शुरुआत में इस घटना को भूकंप से जोड़कर देखा गया था, लेकिन बाद में पता चला कि यह ग्लेशियर टूटने और मलबे के तेज बहाव के कारण हुई। इसने नदियों के निचले इलाकों में भारी तबाही मचा दी।

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