
नेपाल फ्लैश फ्लड प्रभावितों ने बताई आपबीती (फोटो- ANI)
Nepal Flash Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटे कोशी नदी में आए बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, नेपाल दूतावास के सूत्रों ने बताया है कि अब तक 175 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28 देशों के 476 लोग लापता हैं। प्रभावित इलाकों से सामने आई तस्वीरों में बाढ़ के बाद भारी मलबा, गहरी कीचड़ और क्षतिग्रस्त सड़कें दिखाई दे रही हैं। नुवाकोट जिले के देवीघाट समेत कई इलाकों में लोग मलबे के नीचे पूरी तरह दब गए हैं और स्थानीय लोग बेबसी की हालत में अपने प्रियजनों की तलाश कर रहे हैं।
आपदा प्रभावित देवीघाट इलाके के निवासियों का कहना है कि पूरे इलाके में गाद, दलदली रेत और गीली मिट्टी की परतें जमा हो गई हैं, जिनकी ऊंचाई दो-तीन लोगों के बराबर है। मलबा इतना अस्थिर है कि उस पर पैर रखते ही इंसान धंसने लगता है, जिससे पैदल बचाव कार्य जानलेवा हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि आज सुबह मलबे से सिर्फ एक शव निकालने में ही 45 मिनट से ज्यादा की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कई पुल बह गए हैं और संपर्क सड़कें पूरी तरह कट गई हैं, जिससे नदी के दूसरी ओर फंसे लोगों तक सड़क मार्ग से भोजन या राहत सामग्री पहुंचाना असंभव हो गया है।
देवीघाट के रहने वाले जनक बहादुर नेपाली ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि सुबह 9:00 से 9:30 बजे के बीच अचानक नदी का पानी बढ़ा किसी धमाके की तरह आया और देखते ही देखते सब कुछ बहा ले गया। जनक बहादुर ने बताया कि उनका पक्का घर जमीन में पूरी तरह धंस गया और मलबे में बदल गया। उनका दूसरा घर भी इस आपदा में तबाह हो गया, जिसे उन्होंने सिर्फ दो महीने पहले ही खरीदा था। उन्होंने बताया कि दो-तीन ग्रामीण अभी भी लापता हैं। बेघर हुए लोगों को दोस्तों और परिचितों के यहां रहना पड़ रहा है। भारत सीमा तक जाने वाली मुख्य सड़क भी पूरी तरह कट गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जमीनी संपर्क कट जाने के कारण प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के लिए हेलिकॉप्टर ही एकमात्र विकल्प बचा है। बिदुर स्थित सेना के कैंप तक राहत सामग्री पहुंच चुकी है और इसे हेलीकॉप्टर के जरिए दूर-दराज के गांवों तक पहुंचाने की तैयारी चल रही है। JCB मशीनों की मदद से सड़कें साफ करने और मलबा हटाने का काम जोर-शोर से चल रहा है। हालांकि, मलबे के बड़े पैमाने पर फैले होने के कारण इस प्रक्रिया में कई दिन लगने की उम्मीद है।
नेपाल में मची तबाही के बीच भारत ने तेजी से राहत सामग्री और सहायता भेजी है। भारत सरकार और वहां के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल ने भारत को एक सच्चा और करीबी पड़ोसी बताया, जिसने संकट की इस घड़ी में तत्काल सहायता प्रदान की है। उन्होंने बताया कि भारत से राहत सामग्री पहुंच चुकी है और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक इसे हेलीकॉप्टर के जरिए पहुंचाया जा रहा है।
Updated on:
27 Aug 2026 02:50 pm
Published on:
27 Aug 2026 02:50 pm
