राष्ट्रीय

Nepal Flood: एक वीजा रिजेक्शन ने बदल दी किस्मत! नेपाल की जानलेवा बाढ़ से बची महिला की जान

Nepal Flood: कैलाश मानसरोवर यात्रा का वीजा रिजेक्ट होने से पश्चिम बंगाल की 61 वर्षीय तापती सिंहा नेपाल में आई भीषण बाढ़ की चपेट में आने से बच गईं। बाढ़ में 350 से ज्यादा मौतों के बीच जान बचने की यह कहानी चौंकाने वाली है।
2 min read
• •
Updated: 27 Aug 2026, 8:31 PM IST
Kailash Mansarovar Pilgrims
Kailash Mansarovar Pilgrims: नेपाल में आई बाढ़ में बची बंगाल की महिला की जान, photo credit: AI

Nepal Flood 2026: मनचाहा काम नहीं होने पर निराशा होती है, लेकिन बाद में वही निराशा उस शख्स के लिए मानो वरदान बन जाती है। ऐसा ही एक वाकया बंगाल की एक महिला के साथ हुआ। महिला को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए वीजा की आवश्यकता थी, लेकिन किन्हीं कारणों से वीजा रिजेक्ट होने पर महिला की नेपाल में आई जानलेवा अचानक बाढ़ से जान बच गई। इस बाढ़ में अब तक 350 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

ये है पूरा मामला

पश्चिम बंगाल की निवासी 61 साल की तापती सिन्हा कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने की योजना बना रही थीं, लेकिन वीजा रिजेक्ट होने के बाद उनके टूर का प्लान रद्द हो गया। अगर सिन्हा को चीन का वीजा मिल जाता, तो वह उस ग्रुप के उन 33 लोगों में शामिल होतीं, जिन्होंने तीर्थयात्रा के हिस्से के तौर पर हिमालयी देश की यात्रा करने की योजना बनाई थी।

सिन्हा कैलाश यात्रा पर जाना चाहती थीं, मई से ही कोलकाता की एक ट्रैवल एजेंसी द्वारा प्लान की गई 13 दिन की यात्रा का हिस्सा थीं। वह ग्रुप के साथ तैयारी की बैठकों, शॉपिंग ट्रिप और ट्रेकिंग सेशन में शामिल हो रही थीं।

लेकिन तय यात्रा से कुछ दिन पहले ही सिन्हा को बताया गया कि उनका वीजा बिना किसी कारण के रिजेक्ट कर दिया गया है। रिजेक्शन से परेशान होकर उन्होंने अपना प्लान बदल दिया और इसके बजाय लद्दाख चली गईं। न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि वह अपनी यात्रा छोटी कर रही हैं और गुरुवार रात कोलकाता लौट रही हैं। तीर्थयात्रा समूह में शामिल होने की अनुमति न मिलने के बाद वह लद्दाख घूमने गई थीं।

288 से ज्यादा भारतीय संपर्क से बाहर

कोलकाता की जिस ट्रैवल एजेंसी के साथ सिन्हा को यात्रा करनी थी, उसकी नेपाल स्थित सहयोगी एजेंसी किसी भी यात्री से संपर्क नहीं कर पाई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि 288 से ज्यादा नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है और बचाए गए लोगों के बारे में भी जानकारी दी।सरकार की ओर से जारी सूचना के अनुसार, अब तक 21 भारतीयों को रेस्क्यू किया गया है, जबकि 200 भारतीय तिब्बत में मदद का इंतजार कर रहे हैं।

Updated on:
27 Aug 2026, 8:31 PM IST
Published on: