
Flood threat in Bihar: नेपाल से छोड़े गए पानी और लगातार नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण उत्तर बिहार और यूपी के कुछ जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन से रिकॉर्ड 6.52 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इससे पिछले 28 साल पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया। नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद वाल्मीकिनगर बराज से रविवार रात 9 बजे गंडक नदी में 5.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह इस साल का सबसे बड़ा डिस्चार्ज है।
बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने जानकारी दी है कि पश्चिम चंपारण और सुपौल जिले के 11 प्रखंडों की 23 ग्राम पंचायतों की करीब 82 हजार आबादी सीधे बाढ़ से प्रभावित हुई है। पश्चिम चंपारण के 10 प्रखंडों के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बगहा-वाल्मीकिनगर हाईवे पर 5 से 6 फीट पानी बह रहा है। वहीं, नेपाल में मूसलाधार बारिश की वजह से मधुबनी के जयनगर में कमला नदी का जलस्तर 68.10 मीटर पहुंच गया है। खगड़िया के चौथम प्रखंड में कोसी का पानी करीब 3 फीट तक बढ़ चुका है। भारतीय मौसम विभाग ने आज बिहार के 12 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही, 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना भी जताई है।
वहीं, नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में बाढ़ ने जन-जीवन प्रभावित किया है। नदी का पानी जिले के तीन गांवों में घुस गया, जिससे लगभग 5 हजार आबादी पर असर पड़ा है। प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ की मदद से प्रभावित इलाकों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। एडीएम प्रशांत कुमार ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन नेपाल से निकलने वाली नदियों और वाल्मीकि बैराज के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
साथ ही, नेपाल के पहाड़ों में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण महराजगंज जनपद में नारायणी नदी के जलस्तर ने पिछले 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वाल्मीकि बैराज से लगभग पांच लाख से अधिक क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है। नारायणी नदी के उफान से जिले के सबसे संवेदनशील इलाके सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोथहा और निचलौल तहसील क्षेत्र के टेलफाल के समीप गेड़हवा गांव में पानी घुस गया है, जिससे कई दर्जन घर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है, जहां कम्युनिटी किचन के माध्यम से खाने पीने की व्यवस्था और मेडिकल टीम की तैनाती की गई है।