Tripura New Cabinet: भाजपा सांसद माणिक साहा की त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्ति के एक दिन बाद सोमवार को नए मंत्रिमंडल ने शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह अगरतला के राजभवन में शुरू हुआ। आईपीएफटी के मेवार कुमार जमातिया को छोड़कर बिप्लब कुमार देब कैबिनेट के सभी मंत्रियों को नए कैबिनेट में जगह दी गई है।
Tripura New Cabinet: माणिक साहा के त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद सोमवार को अगरतला में 11 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल एसएन आर्य ने मुख्यमंत्री माणिक साहा, पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में राजभवन में एक कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। ग्यारह विधायकों बीजेपी के नौ और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के दो विधायकों ने सोमवार को त्रिपुरा के कैबिनेट मंत्रियों के रूप में शपथ ली। आपको बता दें कि बीजेपी ने 2019 के बाद से गुजरात और कर्नाटक सहित पांच मुख्यमंत्रियों को बदल दिया है।
11 विधायक नई कैबिनेट में शामिल
राज्यपाल एसएन आर्य ने राजभवन में एक कार्यक्रम में मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जिष्णु देव वर्मा, एनसी देबबर्मा (आईपीएफटी), रतन लाल नाथ, प्रणजीत सिंघा रॉय, मनोज कांति देब, संताना चकमा, राम प्रसाद पॉल, भगवान दास, सुशांत चौधरी, रामपाड़ा जमातिया और प्रेम कुमार रियांग (आईपीएफटी) ने राज्य के कैबिनेट मंत्री शपथ ली।
माणिक साहा बने त्रिपुरा के 11वें सीएम
साहा राज्यसभा सांसद और राज्य में पार्टी के अध्यक्ष हैं। राज्य में चुनाव अगले साल मार्च में होने की संभावना है। साहा 2016 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। उन्हें 2020 में पार्टी प्रमुख बनाया गया और इस साल मार्च में राज्यसभा के लिए चुने गए। बिप्लब कुमार देब के इस्तीफा देने के बाद रविवार को साहा ने त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। साहा राज्य के 11वें मुख्यमंत्री बने हैं। बिप्लव देव के इस्तीफे का बाद भाजपा ने यह जिम्मेदारी माणिक को दी है।
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बीजेपी की सत्ता विरोधी लहर को शांत करने की कोशिश
बीजेपी त्रिपुरा में सत्ता विरोधी लहर को शांत करने की कोशिश में जुटी हुई है। माणिक साहा को प्रदेश का नए मुख्यमंत्री बनानेके बाद बीजेपी ने एक बार फिर चुनावी राज्य में चेहरा बदलकर सत्ता विरोधी लहर को हराने के अपने पुराने मंत्र का सहारा लिया है। माणिक साहा दो महीने पहले ही एकमात्र सीट से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। अब प्रदेश के सीएम चुने जाने को लेकर बीजेपी नेता भी हैरान है।
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