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शुभेन्दु अधिकारी: ये हैं सीवी की दो सबसे दमदार बातें, श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं, इन तीन नेताओं को मानते हैं गुरु

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के सीएम के तौर पर शुभेन्दु अधिकारी शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ लेते ही वो बंगाल में भाजपा के पहले सीएम बन जाएंगे। उन्होंने इस चुनाव में ममता बनर्जी को भवानीपुर से हरा दिया।

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May 09, 2026
शुभेन्दु अधिकारी(फोटो-IANS)

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है। इससे पहले 2021 में 77 और और 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी महज 3 सीटों से संतोष करना पड़ा था। लेकिन इस चुनाव में 208 सीटें जीतकर भाजपा राज्य में अपनी पहली सरकार बनाने जा रही है। इस सरकार का नेतृत्व शुभेन्दु अधिकारी करेंगे। शुभेन्दु अधिकारी को यूं नहीं मुख्यमंत्री का पद दिया गया है बल्कि पार्टी में उनके काम, नंदीग्राम आंदोलन से उनकी लोकप्रियता और सबसे अहम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगातार दो चुनावों में हराना शामिल है। शुभेन्दु के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज हो गया है कि वो पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले सीएम बनने जा रहे हैं। आपको बता दें कि शुभेन्दु अधिकारी 2020 में ममता बनर्जी की पार्टी से अलग होकर बीजेपी में शामिल हो गए थे।

सीवी की दो सबसे दमदार बातें


शुभेन्दु अधिकारी के पक्ष में सबसे मजबूत बात ये है कि उन्होंने ममता बनर्जी को लगातार दो चुनावों में हरा दिया। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हरा दिया था। हालांकि उस साल टीएमसी की सरकार बन गई थी और ममता बनर्जी लगातर तीसरी बार सीएम बनीं थी। लेकिन खुद चुनाव हारने के बाद वो भवानीपुर चली गई थीं। लेकिन इस चुनाव में शुभेन्दु अधिकारी ने उन्हें फिर से भवानीपुर विधानसभा सीट से भी हरा दिया।

शुभेन्दु अधिकारी का नाम नंदीग्राम आंदोलन से बंगाल के साथ-साथ देश के कई अन्य हिस्सों में भी पहुंच गया। उस समय बंगाल में वामपंथी सरकार थी। उस सरकार के द्वारा किसानों की जमीन अधिग्रहण के फैसले के खिलाफ उन्होंने 'भूमि उच्छेद प्रतिरोध कमेटी' (BUPC) का गठन किया था। 14 मार्च 2007 की पुलिस फायरिंग के बाद भी उन्होंने घायलों की मदद की और आंदोलन को मजबूत रखा। नंदीग्राम में शुभेन्दु लगातार ममता बनर्जी के साथ मिलकर काम कर रहे थे। इस संबंध में ममता बनर्जी भी लगातार काम क्र रही थीं और राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठा रही थी। यह मामला जबरन भूमि अधिग्रहण के विरोध से जुड़ा था।

इन्हें मानते हैं आदर्श


शुभेन्दु अधिकारी अपने आप को ताम्रलिप्त जातीय सरकार (भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बंगाल के मिदनापुर जिले में स्थापित एक स्वतंत्र, समानांतर सरकार) को मानने वाले बताते हैं। उनके आदर्श श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं बल्कि अजय मुखर्जी, सतीश चंद्र सामंता, सुशील कुमार धारा जैसे गांधीवादी नेता को अपना आदर्श मानते हैं।

पिता थे कांग्रेसी नेता


शुभेन्दु अधिकारी का जन्म ईस्ट मिदनापुर जिले में हुआ था। उनके पिता शिशिर अधिकारी एक कांग्रेसी नेता थे। कांग्रेस सरकार में वो कई अहम पदों पर रहे हैं। शिशिर अधिकारी मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री भी रह चूके हैं।

Updated on:
09 May 2026 10:19 am
Published on:
09 May 2026 10:00 am
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