Nagatitan Dinosaur Thailand Discovery: थाईलैंड में वैज्ञानिकों ने 12 करोड़ साल पुराने विशाल डायनासोर की नई प्रजाति खोजी है। ‘नागाटाइटन चायाफुमेन्सिस’ नाम का यह डायनासोर 27 टन वजनी और 27 मीटर लंबा था, जिसका वजन करीब 9 एशियाई हाथियों के बराबर बताया गया है।
Dinosaur Discovery: थाईलैंड में वैज्ञानिकों ने विशाल आकार और लंबी गर्दन वाले एक नए प्रजाति के डायनासोर की पहचान की है। इस डायनासोर का नाम ‘नागाटाइटन चायाफुमेन्सिस’ रखा गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह अब तक दक्षिण-पूर्व एशिया में मिला सबसे बड़ा डायनासोर माना जा रहा है।
करीब 10 साल पहले उत्तर-पूर्वी थाईलैंड में एक तालाब के पास इसके जीवाश्म मिले थे। विस्तृत अध्ययन के बाद अब वैज्ञानिकों ने इसे नई प्रजाति के रूप में मान्यता दी है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक यह विशाल डायनासोर सॉरोपोड परिवार का सदस्य था, जो शाकाहारी डायनासोरों की श्रेणी में आते हैं। इसकी लंबाई करीब 27 मीटर थी, जबकि वजन लगभग 27 टन आंका गया है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इसका वजन करीब 9 एशियाई हाथियों के बराबर था।
माना जा रहा है कि यह डायनासोर करीब 10 से 12 करोड़ साल पहले पृथ्वी पर मौजूद था। उस दौर में पृथ्वी का तापमान तेजी से बढ़ रहा था और वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर भी काफी अधिक था।
वैज्ञानिकों ने इस डायनासोर को 'थाईलैंड का आखिरी टाइटन' भी नाम दिया है। इसकी वजह यह है कि इसके जीवाश्म उन चट्टानों में मिले हैं, जिन्हें डायनासोर युग की सबसे नई और आखिरी परतों में गिना जाता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार बाद के समय में उस इलाके की भौगोलिक संरचना बदल गई थी और जमीन धीरे-धीरे उथले समुद्र में तब्दील हो गई। इसी कारण वहां बड़े डायनासोरों के जीवाश्म मिलना बेहद मुश्किल हो गया।
‘नागाटाइटन चायाफुमेन्सिस’ नाम के हर हिस्से का विशेष अर्थ है। 'नागा' शब्द लोककथाओं में वर्णित विशाल सर्प से लिया गया है, जबकि 'टाइटन' यूनानी पौराणिक कथाओं के शक्तिशाली देवताओं के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है।
वहीं 'चायाफुमेन्सिस' नाम थाईलैंड के चायाफुम क्षेत्र को दर्शाता है, जहां इसके जीवाश्म खोजे गए थे।
वैज्ञानिकों के अनुसार यह थाईलैंड में खोजा गया 14वां डायनासोर है। इस नई खोज ने दक्षिण-पूर्व एशिया में डायनासोरों के इतिहास और उनकी प्रजातियों को समझने में वैज्ञानिकों को नई दिशा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में और भी महत्वपूर्ण जीवाश्म मिल सकते हैं, जो करोड़ों साल पुराने जीव-जंतुओं के इतिहास से जुड़े नए रहस्य खोल सकते हैं।