राष्ट्रीय

New Year: 31 दिसंबर और 1 जनवरी को कश्मीर जाने वाले ध्यान दें, बर्फबारी को लेकर कई रास्ते बंद, नई एडवाइजरी जारी

जम्मू-कश्मीर में नए साल के जश्न पर मौसम का ग्रहण लग सकता है। मौसम विभाग ने 31 दिसंबर और 1 जनवरी को बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी है।

2 min read
Dec 30, 2025
कश्मीर में मौसम का हाल। (फोटो- IANS)

नए साल पर अगर आप जम्मू-कश्मीर में जश्न मनाने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है। दरअसल, मौसम विभाग ने मंगलवार दोपहर से अगले दो दिनों तक जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान लगाया है।

इस सूचना को देखते हुए कश्मीर के ऊपरी इलाकों की सभी सड़कें आज से बंद कर दी गईं हैं। मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि मैदानी इलाकों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, ऊपरी इलाकों में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को बर्फबारी की पूरी संभावना है।

ये भी पढ़ें

नए साल के मौके पर इन जगहों पर बर्फबारी की संभावना, मैदानी इलाकों में चलेगी शीतलहर, धुंध के कारण दिल्ली में उड़ानें प्रभावित

ऐसे में यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए जरुरी एडवाइजरी भी जारी की गई है। उन्हें ट्रैफिक विभाग और अलग-अलग प्रशासनिक विभागों की सलाह मानने को कहा गया है।

कहां-कहां ट्रैफिक बंद?

अधिकारियों ने खराब मौसम को देखते हुए श्रीनगर-लेह हाईवे, अनंतनाग जिले में सिंथन पास, घाटी को जम्मू के किश्तवाड़ जिले से जोड़ने वाले मरगन पास और घाटी को जम्मू डिवीजन से जोड़ने वाले मुगल रोड पर ट्रैफिक बंद कर दिया है। हालांकि, श्रीनगर-जम्मू हाईवे सड़क अभी भी चालू है।

कहां कितना तापमान?

अगर श्रीनगर शहर की बार करें तो यहां न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस है। वहीं, गुलमर्ग में माइनस 1.6 और पहलगाम में माइनस 1.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

जम्मू शहर में रात का सबसे कम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा, कटरा शहर में 9.8, बटोटे में 7.7, बनिहाल में 5 और भद्रवाह में 3.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

बता दें कि कश्मीर में 'चिल्लई कलां' के नाम से जाना जाने वाला 40 दिनों का कड़ाके की ठंड का दौर 21 दिसंबर को शुरू हुआ है। यह 30 जनवरी को खत्म होगा।

क्यों लोग करते हैं बर्फबारी का इंतजार?

चिल्लई कलां में होने वाली भारी बर्फबारी ही पहाड़ों में जम्मू-कश्मीर के बारहमासी पानी के जलाशयों को भरती है। ये बारहमासी जलाशय गर्मियों के महीनों में कई नदियों, झरनों और झीलों को पानी देते हैं। चिल्लई कलां के दौरान बर्फबारी न होना एक आपदा है, क्योंकि यह गर्मियों के महीनों में सूखे का संकेत देता है।

श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम के सभी होटल पूरी तरह से बुक

लोग हर साल बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार करते हैं। चूंकि इन दिनों नए साल की शाम मनाने वाले लोग घाटी में आ रहे हैं, इसलिए श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम के सभी होटल पूरी तरह से बुक हो चुके हैं।

लोग अपनी छुट्टियों को यादगार बनाने के लिए नए साल की शाम को अच्छी बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। चिल्लई कलां के दौरान पहली बर्फबारी कश्मीर में एक जश्न का मौका होता है। दोस्त और रिश्तेदार पहली बर्फबारी पर एक-दूसरे को बधाई देते हैं और दावतों के लिए एक-दूसरे को बुलाते हैं।

Also Read
View All

अगली खबर