
नई दिल्ली। बीते कई महीनों से भारत में लगातार बढ़ रही तेल की कीमतों से लोग परेशान हैं। वहीं इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। ऐसे में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सफाई देते हुए इसकी वजह बताई है। वित्त मंत्री ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें वैश्विक बाजार पर निर्भर करती हैं। ऐसे में हमें एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाए केंद्र और राज्यों को एक दूसरे का साथ देना चाहिए।
संवाददाता सम्मेलन में वित्त मंत्री ने देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मंहगाई को कम करने का हर संभव प्रयास कर रही है। वहीं विपक्ष द्वारा बढ़ती मंहगाई के आरोपों पर वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले सरकारों ने देश के साथ जो किया है उन्हें लग रहा है कि अब भी वही हो रहा है।
लोगों को सशक्त बनाना भाजपा का उद्देश्य
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि लूट कांग्रेस के डीएनए में है। सिर्फ यही वजह है कि उन्हें केंद्र सरकार के हर काम में भष्टाचार दिखाई देता है। जबकि सच्चाई यह है कि पीएम मोदी की नेतृत्व वाली सरकार में अब तक एक भी घोटाले का आरोप नहीं लगा है। भाजपा सरकार के विकास का सिद्धांत लोगों को कुछ अधिकार देना वहीं बल्कि उन्हें सशक्त बनाना है।
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भारत में तेल और गैस की कीमत
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.64 रूपए प्रति लीटर और डीलज 91.07 रुपए प्रति लीटर है। वहीं मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमश: 108.67 और 98.80 रुपए प्रति लीटर है। इसके साथ ही कामर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 1736.50 रुपए है। वहीं, नॉन-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 884.50 रुपए बनी हुई है।