राष्ट्रीय

Starlink India: स्टारलिंक पर निशिकांत दुबे का एलन मस्क को दोटूक संदेश, बोले- भारत सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा

Starlink India Launch: स्टारलिंक को लेकर भारत में छिड़ी बहस ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। निशिकांत दुबे के बयान ने सस्ते इंटरनेट, बाजार में प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन का सवाल फिर खड़ा कर दिया है।
2 min read
• •
Oct 11, 2026
Nishikant Dubey Elon Musk controversy
Nishikant Dubey Elon Musk controversy : मस्क को निशिकांत दुबे की खरी-खरी: भारत में कारोबार करना है तो सुरक्षा नियम मानने होंगे! (फोटो सोर्स: ANI)

Nishikant Dubey Elon Musk Controversy: एलन मस्क की स्टारलिंक सेवा को भारत में शुरू करने की राह में अटकी मंजूरियों ने अब सियासी बहस का रूप ले लिया है। अमेरिकी अरबपति की ओर से भारतीय इंटरनेट बाजार में कथित बाधाओं पर सवाल उठाए जाने के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने साफ किया कि भारत में सस्ती इंटरनेट सेवा का मुद्दा अपनी जगह है, लेकिन देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ी चिंताओं को किसी कारोबारी दबाव के आगे नहीं झुकाया जा सकता।

मस्क की दलीलों पर दुबे का पलटवार, सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं को बताया अहम

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बहस के बीच भारत की सुरक्षा नीति का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि भारत एक संप्रभु और मजबूत लोकतांत्रिक देश है, जो किसी विदेशी कंपनी के दबाव या सोशल मीडिया पर उठने वाली आवाजों के आधार पर अपनी सुरक्षा संबंधी नीतियों में बदलाव नहीं करता।

दुबे ने अपने पोस्ट में संसदीय समिति के कामकाज का हवाला देते हुए कहा कि समिति ने देश की सुरक्षा एजेंसियों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझा है। उनके मुताबिक, स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के मामले में सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

आखिर क्यों आमने-सामने आए मस्क और भारत?

यह विवाद उस समय गहराया, जब मस्क ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी भारत में स्टारलिंक की शुरुआत रोककर मौजूदा इंटरनेट बाजार पर अपना दबदबा बनाए रखना चाहते हैं। भारत सरकार ने भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों को आवश्यक सुरक्षा मंजूरियां और नियामकीय शर्तें पूरी करनी होंगी। स्टारलिंक सहित तीन कंपनियां सुरक्षा मंजूरी और स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया में थीं।

क्या है स्टारलिंक और क्यों अहम है यह बहस?

स्टारलिंक, एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है। पारंपरिक ब्रॉडबैंड की तरह केवल जमीन पर बिछे केबल नेटवर्क पर निर्भर रहने के बजाय यह पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद उपग्रहों के जरिए इंटरनेट उपलब्ध कराती है। इससे पहाड़ी इलाकों, दूरदराज के गांवों और उन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी पहुंचाने की संभावना बनती है, जहां फाइबर नेटवर्क बिछाना मुश्किल या महंगा होता है।

हालांकि, ऐसी सेवाओं के लिए केवल तकनीकी क्षमता और ग्राहक मांग पर्याप्त नहीं हैं। भारत में दूरसंचार संबंधी मंजूरियां, स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल के नियम, डेटा सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की वैध निगरानी से जुड़ी शर्तें भी महत्वपूर्ण हैं। उपग्रह आधारित नेटवर्क का संचालन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी नियामकीय जांच की मांग करता है।

Updated on:
11 Oct 2026 12:53 pm
Published on:
11 Oct 2026 12:28 pm