NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और CBI जांच के बीच केंद्र सरकार ने NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। सरकार ने एजेंसी में 2 जॉइंट सेक्रेटरी और 2 जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किए हैं।
NTA New Appointments: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और सीबीआई जांच के बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। सरकार ने शनिवार को NTA में दो जॉइंट सेक्रेटरी और दो जॉइंट डायरेक्टर की नियुक्ति को मंजूरी दे दी। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब एजेंसी की कार्यप्रणाली और परीक्षा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारतीय सांख्यिकी सेवा (ISS) की 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और भारतीय राजस्व सेवा (IRS-Customs & Indirect Taxes) की 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज को NTA में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारियों की नियुक्ति पांच वर्षों के लिए या अगले आदेश तक रहेगी।
सरकार ने यह नियुक्तियां NTA में खाली पड़े डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर स्तर के पदों को अस्थायी रूप से अपग्रेड करके की हैं।
इसके अलावा 2013 बैच के IRS (इनकम टैक्स) अधिकारी आकाश जैन और भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा (IA&AS) के अधिकारी आदित्य राजेंद्र भोजगढिया को NTA में संयुक्त निदेशक बनाया गया है।
सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से NTA की प्रशासनिक क्षमता और परीक्षा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी माना था कि NTA में और सुधारों की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि एजेंसी को 'जीरो-एरर' बनाने की जिम्मेदारी सरकार की है और इसके लिए कई सुझावों पर काम किया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था, “हमने 2024 में सामने आई कमियों को दूर किया था, लेकिन इसके बावजूद यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। सुधार एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।”
NEET-UG 2026 परीक्षा इस साल 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसमें 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था। हालांकि पेपर लीक के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा 21 जून को कराने का फैसला लिया।
इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। जांच के दौरान कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद 2024 में केंद्र सरकार ने विशेषज्ञों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई थी। इस समिति ने NTA के पुनर्गठन की सिफारिश की थी।
कमेटी ने सुझाव दिया था कि NTA में 10 अलग-अलग वर्टिकल बनाए जाएं, जिनका नेतृत्व डायरेक्टर स्तर के अधिकारी करें। साथ ही दो अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) नियुक्त करने की भी सिफारिश की गई थी।
राज्यसभा में मार्च 2025 में दिए गए एक जवाब के अनुसार, NTA को मजबूत करने के लिए 16 नए पद बनाए गए थे। इनमें आठ डायरेक्टर और आठ जॉइंट डायरेक्टर स्तर के पद शामिल थे।
हालांकि अब तक केवल तीन जॉइंट डायरेक्टर ही एजेंसी में शामिल हुए थे। इसके अलावा NTA में 43 कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार विवादों के बीच सरकार अब NTA की संरचना और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।