
PM Narendra Modi Netherlands Visit (Image: X/PM Modi)
PM Modi Netherlands Visit MoUs Signed: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा भारत के लिए कई मायनों में अहम साबित हुई। इस दौरान भारत और नीदरलैंड्स के बीच निवेश, सेमीकंडक्टर, तकनीक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नीदरलैंड्स भारत के शीर्ष पांच निवेशकों में शामिल है और दोनों देशों के रिश्ते पिछले 10 वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं।
नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड्स साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी विश्वास से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की घोषणा को एक बड़ा मील का पत्थर बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते की दिशा में हो रही प्रगति से दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड्स मिलकर नवाचार, टेक्नोलॉजी और आर्थिक विकास के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर रिश्ते बेहद गहरे हैं और आने वाले समय में सहयोग का दायरा और बढ़ेगा।
द्विपक्षीय वार्ता से पहले पीएम मोदी ने नीदरलैंड्स के बड़े उद्योगपतियों और कंपनियों के प्रमुखों के साथ राउंडटेबल बैठक भी की। उन्होंने डच कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत समुद्री व्यापार, अक्षय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निवेश के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि भारत लगातार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बना रहा है और टैक्स, लेबर कोड तथा गवर्नेंस में बड़े सुधार किए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और स्थिरता का प्रतीक बन चुका है।
यात्रा के दौरान भारत की टाटा समूह और नीदरलैंड्स की सेमीकंडक्टर कंपनी ASML के बीच अहम समझौता (MoU) भी हुआ। यह समझौता गुजरात के धोलेरा में बनने वाली टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर परियोजना को तकनीकी सहयोग देने से जुड़ा है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इससे देश के युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे। उन्होंने एक्स पर लिखा कि आने वाले समय में भारत इस क्षेत्र में और मजबूती के साथ काम करेगा।
नीदरलैंड्स ने 11वीं सदी की ऐतिहासिक चोल ताम्रपत्र भी भारत को वापस सौंप दिए। यह समारोह पीएम मोदी और रॉब जेटन की मौजूदगी में आयोजित हुआ।
इन ताम्रपत्रों में 21 बड़ी और 3 छोटी ताम्र प्लेट्स शामिल हैं, जिन पर तमिल और संस्कृत में शिलालेख अंकित हैं। ये चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम और राजा राजराजा चोल प्रथम से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत मानी जाती हैं। पीएम मोदी ने इसे 'हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण' बताया और कहा कि भारत को चोल सभ्यता, संस्कृति और समुद्री शक्ति पर गर्व है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की यह यात्रा भारत और नीदरलैंड्स के रिश्तों को नई रणनीतिक दिशा देने वाली साबित हो सकती है। निवेश, तकनीक, सेमीकंडक्टर और सांस्कृतिक सहयोग के जरिए दोनों देश आने वाले वर्षों में और करीब आ सकते हैं।
Published on:
17 May 2026 03:22 am
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