
भारत ने ओमान के समुद्री क्षेत्र में कमर्शियल शिप 'एमएसवी अल जुसुफी' पर हुए हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को एक बयान जारी कर 14 में से एक भारतीय नाविक के मारे जाने पर दुख जताया। MEA ने अपने बयान में कहा कि सोमवार शाम ओमान के लिमाह तट के पास एक व्यवसायिक जहाज 'एमएसवी अल जुसुफी' पर हमला निंदनीय है।
MEA ने कहा कि जहाज पर सवार 14 भारतीय नागरिकों में से 13 को बचा लिया गया है, जबकि एक घायल भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई है। हम इस नुकसान पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और बचाए गए भारतीय नागरिकों तथा मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द वापस लाने के लिए ओमान के अधिकारियों से बातचीत कर रहा है।
भारत ने व्यावसायिक जहाजों पर हो रहे हमलों को चिंताजनक करार दिया है। अपील की है कि तनाव को तुरंत कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए प्रयास किया जाना जाए ताकि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस आ सके। अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्रों में कमर्शियल शिप और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने का भारत विरोध करता रहा है। एमईए ने बयान में इसी स्टैंड को दोहराते हुए कहा कि इस तरह के हमले बंद किए जाने चाहिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाजों की आवाजाही और व्यापार को बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द बहाल करने पर भी जोर दिया गया।
भारत सरकार ने पिछले हफ्ते वेस्ट एशिया संघर्ष में अब तक 22 भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि की थी। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को कहा कि हम वेस्ट एशिया में चल रहे झगड़े को लेकर बहुत परेशान हैं। हमने झगड़े में 22 भारतीय नागरिकों को खो दिया है, जिसमें 14 नाविक शामिल हैं।