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उमर अब्दुल्ला सरकार में क्यों बढ़ रही है नाराजगी? नेशनल कॉन्फ्रेंस के असंतोष और सियासी संकट की पूरी कहानी

जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ विधायक नाराज हैं। जानिए असंतोष की वजह, विधायकों की मांगें और आगा रुहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे का ऐलान।
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Updated: 1 Nov 2026, 2:00 AM IST
Omar Abdullah Government Crisis
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Photo-IANS)

Omar Abdullah Government: जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। मंत्रिमंडल विस्तार में चार नए चेहरों को शामिल करने और एक मंत्री को हटाने से नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के वरिष्ठ विधायकों का एक धड़ा नाराज है। करीब 24 विधायकों के एकजुट होने का दावा किया जा रहा है। शुक्रवार को विधायक कैसर जमशेद लोन के आवास पर हुई बैठक में 17 एनसी और एक निर्दलीय विधायक शामिल हुए। कुछ विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े। असंतुष्ट विधायकों ने मंत्रिमंडल का नए सिरे से गठन, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी को हटाने और कुछ मंत्रियों की छुट्टी की मांग की है। उनका आरोप है कि फेरबदल में वरिष्ठता और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की अनदेखी हुई। वे सरकार और संगठन के फैसलों में अधिक भागीदारी चाहते हैं।

सांसद ने किया इस्तीफे का ऐलान


श्रीनगर के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी छोड़ने और लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है। वे तीन नवंबर को इस्तीफा देंगे। उन्होंने नेतृत्व पर अनुच्छेद 370 की बहाली, बंदियों की रिहाई और जम्मू-कश्मीर के अधिकारों से जुड़े चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया।

मंत्रिमंडल विस्तार में क्या बदला


27 अक्टूबर को अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद वानी मंत्री बने। निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को हटाया गया। विभागों के पुनर्वितरण में सागर को बिजली और राजस्व, जावेद अहमद डार को वित्त, मीर सैफुल्लाह को युवा एवं खेल तथा शमीमा फिरदौस को शिक्षा विभाग मिला। नौ सदस्यों की अधिकतम सीमा पूरी हो गई। जम्मू के मैदानी जिलों का कोई प्रतिनिधि मंत्रिमंडल में नहीं है। कांग्रेस बाहर से समर्थन दे रही है।

असंतुष्ट विधायकों की प्रमुख मांगें

  • मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी को पद से हटाया जाए।
  • दो साल से मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की जगह नए चेहरों को मौका मिले।
  • वरिष्ठता, योग्यता और क्षेत्रीय संतुलन के आधार पर मंत्रिमंडल का पुनर्गठन हो।
  • विधायकों को सरकार और संगठन के फैसलों में अधिक भागीदारी मिले।
  • पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को लागू करने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाए।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा की दलीय स्थिति

राजनीतिक दल / श्रेणीविधायकों की संख्या
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC)41
कांग्रेस6
सीपीएम1
निर्दलीय (सरकार समर्थक)6
भाजपा29
जेकेपीडीपी4
आम आदमी पार्टी (AAP)1
जेकेएआईपी1
जेकेपीसी1
कुल सदस्य संख्या90
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