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Omicron Variant: IMA ने जताई कोरोना की तीसरी लहर की आशंका, जानिए किस बात को लेकर किया आगाह

Omicron Variant इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देश में कोरोना की तीसरी लहर के जल्द दस्तक देने की आशंका जताई है। आईएमए ने कहा कि ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं कुछ राज्यों ये डबल डिजिट तक पहुंच चुके हैं। आगे भी बढ़ने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द बूस्टर डोज लगाए जाने का ऐलान करना चाहिए।

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Dec 07, 2021

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus In India ) से जंग के बीच ओमिक्रॉन वैरिएंट ने देशभर में चिंता बढ़ा रखी है। लगातार ये वैरिएंट भारत में अपने पैर पसार रहा है। अब तक पांच राज्यों में 23 केस सामने आ चुके हैं। इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक कड़े कदम उठा रही है, लेकिन इस बीच एक और डराने वाली खबर सामने आई है। दरअसल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है।

इसके साथ ही आईएमए ने केंद्र सरकार से स्वास्थ्यकर्मियों (Health Workers), अग्रिम मोर्चा कर्मियों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) वाले व्यक्तियों के लिए कोविड-रोधी टीके की बूस्‍टर डोज ( Booster Dose ) देने की घोषणा करने का अनुरोध किया है।

IMA के मुताबिक देश के प्रमुख राज्यों में वायरस के नए वैरिएंट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कुछ राज्यों में आंकड़ा दोहरे अंक तक पहुंच चुका है और इसमें आगे भी बढ़ोतरी होने के आसार हैं क्योंकि कई रिपोर्ट्स आना अभी बाकी है।

इस बीच आईएमए ने दावा किया है कि उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों और इसकी उत्पत्ति वाले देशों से जुड़े अनुभव से पता चलता है कि ओमिक्रॉन अधिक तेजी से फैलता है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को चपेट में ले सकता है।
IMA ने यह भी मांग की है कि सरकार 12-18 आयुवर्ग के टीकाकरण प्रस्ताव पर तेजी से विचार करे।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कहा, ‘ऐसे समय में जब भारत सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है, ये बड़ा झटका साबित हो सकता है।

समय रहते पर्याप्त उपाय नहीं किए गए तो हमें महामारी की भयंकर तीसरी लहर का सामना करना पड़ सकता है। आईएमए ने सरकार को आगाह किया है कि वे स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम मोर्चा कर्मियों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए वैक्सीन की बूस्‍टर डोज देने की घोषणा जल्द करे।

बूस्टर डोज पर अब भी हो रहा विचार
दरअसल बूस्टर डोज को लेकर सरकार की ओर से अब तक मंथन जारी है। सोमवार को भी राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की बैठक आयोजित की गई थी, हालांकि इस बैठक में भी बूस्टर डोज दिए जाने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ।

WHO के दिशा निर्देशों का इंतजार
NTGI ने ओमिक्रॉन से जुड़े आंकड़ों का आकलन किया है, जो बताता है कि देश में कोरोना के संक्रमण का खतरा काफी ज्‍यादा है। ऐसे में जानकारों की मानें तो सबसे पहले स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों को बूस्‍टर डोज दिया जाना चाहिए।
एनटीएजीआई के अधिकारी के मुताबिक इस मुद्दे पर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ( WHO ) के दिशा-निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही बूस्‍टर डोज को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।

Published on:
07 Dec 2021 03:50 pm
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