ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाए लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने भारत को समुद्री हमले की धमकी दी है। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे प्रोपेगैंडा बताते हुए समुद्री सीमाओं पर हाई अलर्ट जारी किया है।
भारत के ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की कामयाबी के बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) में खलबली मची हुई है। इसी बौखलाहट में संगठन के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद कसूरी का एक और भड़काऊ और उकसाने वाला बयान सामने आया है। पाकिस्तान के मुरीदके में दिए गए अपने भाषण में कसूरी ने भारत को समुद्री रास्ते से हमले की खुली धमकी दी है।
सैफुल्लाह कसूरी ने कहा, “2025 में हमने आसमान पर राज किया, 2026 में समंदरों पर करेंगे।” यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय वायुसेना ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंक के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
अपने बयान में सैफुल्लाह ने दावा किया कि साल 2025 पाकिस्तान के लिए “फ़िज़ाओं का शहज़ादा” बनने का था और अब 2026 खत्म होने से पहले पाकिस्तान “समंदरों का शहज़ादा” भी बनेगा। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह बयान हार से उपजी हताशा का नतीजा है, जिसमें वह अब भारतीय नौसेना को निशाना बनाकर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि सैफुल्लाह का यह बयान महज बयानबाज़ी नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा की सक्रिय प्रोपेगैंडा रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले भी वह संगठन की तथाकथित “वॉटर फोर्स” का जिक्र कर चुका है, जो समुद्री हमलों की क्षमता की ओर इशारा करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लश्कर के पास सैकड़ों प्रशिक्षित स्कूबा डाइवर्स और स्विमर्स मौजूद हैं, जिन्हें पाकिस्तान के विभिन्न ठिकानों पर अंडर-वॉटर ऑपरेशंस की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
इस धमकी को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि 26/11 मुंबई आतंकी हमला भी समुद्री रास्ते से ही अंजाम दिया गया था। उस दौरान लश्कर के आतंकवादी कराची से नाव के जरिए भारत में दाखिल हुए थे। इसी पृष्ठभूमि में सुरक्षा एजेंसियां हर इनपुट को गंभीरता से जांच रही हैं, खासकर गणतंत्र दिवस से पहले।
हालांकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जा रही। भारतीय समुद्री सीमाओं पर निगरानी और गश्त को कई गुना बढ़ा दिया गया है, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।