राष्ट्रीय

संसद पहुंचने पर धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विपक्ष ने की नारेबाजी, शिक्षा चोरी का लगाया आरोप

Opposition protests Against Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे, जहां बीजेपी और एनडीए सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। दूसरी ओर, विपक्ष ने प्रदर्शन कर सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए। इसी बीच लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 पेश हुआ, जिस पर चार घंटे चर्चा होगी।
2 min read
Jul 27, 2026
Dharmendra Pradhan returns to Parliament after resignation
धर्मेंद्र प्रधान का एनडीए सांसदों ने किया स्वागत (Photo- ANI)

NDA MPs support Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार सोमवार को धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे। इस दौरान बीजेपी और एनडीए सांसदों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के भी नारे लगाए और फिर पाग पहनाकर सदन के अंदर ले गए। बताया जा रहा है कि जब धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था, तब बीजेपी के कई सांसदों ने उनके घर जाकर मुलाकात भी की थी। 

बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान के आने से पहले ही एनडीए सांसद मकर द्वार पर एकत्रित हो गए थे और उनका इंतजार करने लगए। जैसे ही प्रधान ने संसद परिसर में प्रवेश किया। सांसदों ने उनके स्वागत में नारे लगाना शुरू कर दिया और एकजुटता दिखाते हुए उन्हें खास टोपी भी भेंट की। 

विपक्ष की आई प्रतिक्रिया

एनडीए सांसदों द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत पर विपक्ष की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। विपक्ष ने प्लेकार्ड और नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही मोदी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा चोरी के भी नारे लगाए। इस दौरान प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं।

लोकसभा में पेश हुआ विधेयक

वहीं लोकसभा में सोमवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। हालांकि, विपक्षी दलों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। 

विधेयक पर चार घंटे होगी चर्चा

सूत्रों के अनुसार, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) ने इस विधेयक पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय निर्धारित किया है। एनडीए की ओर से भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या समेत कई युवा सांसद चर्चा में भाग लेंगे। इसके अलावा जेडीयू, टीडीपी, शिवसेना, एनसीपी, अपना दल, एलजेपी (रामविलास) सहित सहयोगी दलों के सांसद भी अपनी बात रखेंगे।

NEET पेपर लीक के बाद लाया गया विधेयक

यह संशोधन विधेयक देशभर में NEET-UG पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं को लेकर उठे विवादों के बीच लाया गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है, जो परीक्षा सुधारों पर अपनी सिफारिशें देगी।

Updated on:
27 Jul 2026 12:49 pm
Published on:
27 Jul 2026 12:49 pm