
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Photo-IANS)
Anti Paper Leak Bill Lok Sabha: लोकसभा में सोमवार को मोदी सरकार एंटी पेपर लीक बिल पेश करेगी। इस बिल पर होने वाली बहस में बीजेपी ने अपने युवा सांसदों को आगे रखा है। इस बहस की शुरुआत बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज करेंगी, जबकि बेंगलुरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या भी पार्टी की ओर से प्रमुख वक्ता होंगे।
वहीं विपक्ष ने अब मोदी सरकार को टारगेट करने के लिए दूसरा विकल्प खोज लिया है। दरअसल, पिछले सप्ताह धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर हंगामा रहा। हालांकि अब धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। इसलिए विपक्ष अब अमित शाह को निशाने पर लेगा।
बता दें कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों की पिटाई और पेलेट गन के इस्तेमाल जैसे मुद्दों से सरकार को छलनी करने का प्लान बना चुका हैं। इसको लेकर राहुल गांधी ने अमित शाह को चिट्ठी भी लिखी थी। जिसमें उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने छात्रों पर पेलेट गन चलाने के आदेश दिए थे।
बता दें कि पेपर लीक की लगातार सामने आ रही घटनाओं और छात्रों के बीच बढ़ते आक्रोश के बीच केंद्र सरकार इस विधेयक को परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। दरअसल, एनडीए की रणनीति है कि इस मुद्दे पर पार्टी के युवा चेहरे सरकार का पक्ष मजबूती से रखें।
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस विधेयक को पेश करेंगे। वहीं शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी चर्चा के दौरान सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष के सवालों का जवाब दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ मंत्री भी बहस में हिस्सा ले सकते हैं।
एनडीए की संभावित वक्ताओं की सूची के अनुसार, बांसुरी स्वराज के बाद तेजस्वी सूर्या बीजेपी की ओर से अपनी बात रखेंगे। इसके अलावा गठबंधन के कई नेता भी चर्चा में भाग ले सकते हैं।
इनमें टीडीपी सांसद लावु कृष्ण देवरायालु, जेडीयू के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल और एनसीपी सांसद सुनील तटकरे शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस से अलग रुख रखने वाले सांसदों में से सायोनी घोष या मिताली बाग भी बहस में हिस्सा ले सकती हैं। यह फैसला काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले गुट की ओर से लिया जा सकता है।
बता दें कि पिछले सप्ताह संसद में भारी हंगामा हुआ था। अभी भी अटकलें लगाई जा रही है कि पेपर लीक विधेयक पर बहस हंगामेदार हो सकती है। विपक्ष हाल के पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है, जबकि एनडीए इस विधेयक को परीक्षा में धांधली और संगठित गिरोहों पर कड़ा प्रहार बताने की कोशिश करेगा।
शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। धर्मेंद्र प्रधान की जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। रविवार को जोशी ने कार्यभार संभाल लिया है और अधिकारियों के साथ भी बैठक की।
Updated on:
27 Jul 2026 10:45 am
Published on:
27 Jul 2026 10:45 am
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