
नीट की तैयारी कर रही छात्रा ने की आत्महत्या (फोटो- Nripinder Singh एक्स पोस्ट)
Ankita Sangle Sucide: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां एक 19 साल की NEET अभ्यर्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या करके अपनी जान दे दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार हाल ही में जारी हुए नीट परिणामों में छात्रा के कटऑफ से कुछ नंबर कम रह गए थे जिसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में थी और इसी के चलते उसने आत्महत्या करके अपनी जान दे दी। घटना के बाद से छात्रा के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके में भी शोक फैल गया है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसको कब्जे में लेकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतका छात्रा की पहचान अंकिता सांगले के रूप में हुई है। सांगले जिले के करजत तालुका के जलालपुर गांव की रहने वाली थी। पुलिस के अनुसार, उसने 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा दी थी। बाद में संशोधित परीक्षा कार्यक्रम के तहत 21 जून को हुई री-एग्जाम में भी शामिल हुई थी। परिवार को उम्मीद थी कि अंकिता के 300 से ज्यादा अंक आएंगे, जिससे उसे मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलने का मौका मिलेगा। लेकिन जब परिणाम घोषित हुआ तो अंकिता को केवल 166 अंक मिले और वह क्वालिफाइंग कटऑफ, जो कि 177 अंक थी, उससे 11 नंबर पीछे रह गई। नंबर कम आने के चलते अंकिता का डॉक्टर बनने का सपना टूट गया और वह गहरे डिप्रेशन में चली गई। परिवार के अनुसार, रिजल्ट आने के बाद वह काफी चुप रहने लगी थी और मानसिक रूप से परेशान थी।
इसी के चलते शनिवार, 25 जुलाई की शाम को अंकिता ने आत्महत्या करके अपनी जान दे दी। अंकिता का शव शाम 4:30 बजे करीब उसके घर के एक कमरे के फंदे से लटका मिला था। घटना के समय अंकिता के पिता अन्ना सांगले और उसका भाई मंदिर गए हुए थे और वो और उसकी मां घर पर अकेले थे। मां घर का काम कर रही थी तभी अंकिता पढ़ाई करने अलग कमरे में चली गई। काफी देर तक कमरे से कोई हलचल नहीं हुई तो मां ने दरवाजा खोला। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। अंकिता फंदे से लटकी हुई थी। इसके बाद तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (AD) का मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में किसी तरह की साजिश या दूसरे व्यक्ति की भूमिका सामने नहीं आई है। पुलिस को घटनास्थल से मराठी में लिखा एक हस्तलिखित सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें अंकिता ने लिखा कि वह NEET में उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं ला पाने के कारण वह डिप्रेशन में चली गई और उसने यह कदम उठाया। उसने अपने परिवार को पूरी तरह निर्दोष बताया है।
अंकिता ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं NEET में उम्मीद के मुताबिक नंबर नहीं ला सकी। इसी वजह से मैं डिप्रेशन में चली गई और डॉक्टर बनने का मेरा सपना अधूरा रह गया। मेरी मौत के लिए मेरे मम्मी, पापा या भाई को जिम्मेदार मत ठहराना। उसने आगे लिखा कि आप लोगों ने मुझे बहुत प्यार दिया, लेकिन मैं आपकी एक भी इच्छा पूरी नहीं कर सकी। मम्मी, आपने हर मुश्किल में दोस्त बनकर मेरा साथ दिया। दादा, आपने भी मेरा बहुत साथ दिया। आपने मुझे मम्मी-पापा से भी ज्यादा प्यार दिया। आप लोग मेरी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।
अंकिता ने आगे लिखा, जब मैं NEET की तैयारी कर रही थी, तब आप सबने मेरे लिए बहुत त्याग किया। आपने अपनी जरूरतों से पहले मेरी पढ़ाई को रखा, लेकिन मैं आपकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। नोट के आखिर में अपने भाई से भावुक अपील करते हुए अंकिता ने लिखा कि भाई, मम्मी पापा का ध्यान रखना। उन्हें किसी भी चीज की कमी मत होने देना। इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते मानसिक दबाव और छात्रों के भावनात्मक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Updated on:
27 Jul 2026 10:41 am
Published on:
27 Jul 2026 08:44 am
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