
अमेरिकी सांसद थॉमस मैसी और ट्रंप (फोटो - Remarks एक्स पोस्ट)
US War: अमेरिका और ईरान के बीच हाल के सैन्य तनाव को लेकर अब अमेरिका के अंदर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। युद्ध के असर और उससे जुडे फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच अमेरिकी सांसद थॉमस मैसी ने ट्रंप प्रशासन की नीति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के साथ हुए संघर्ष ने अमेरिका को काफी कमजोर कर दिया है। उनका दावा है कि इस पूरे अभियान का सबसे ज्यादा फायदा इजरायल को पहुंचा, जबकि इसकी कीमत अमेरिका को चुकानी पड़ी।
अमेरिकी सांसद थॉमस मैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान के साथ युद्ध की वजह से अमेरिका की ताकत कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के दौरान देश की मिसाइल सुरक्षा क्षमता पर दबाव पड़ा, तेल भंडार कम हुए और सेना के जवानों को खतरे का सामना करना पड़ा। मैसी ने यह भी कहा कि आम लोगों के लिए जरूरी सामान की कीमतें बढ़ीं, सरकारी कर्ज में इजाफा हुआ और देश की घरेलू जरूरतों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह सब इजरायल के लिए किया गया।
हालांकि अमेरिका और ईरान ने फिलहाल एक-दूसरे पर हमले रोक रखे हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत के संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन खबरों को खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका के हथियारों का भंडार कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास जरूरत से कहीं ज्यादा सैन्य संसाधन मौजूद हैं।
इस बीच वेस्ट बैंक में इजरायली सेना की कार्रवाई तेज हो गई है। कई इलाकों में छापेमारी, गिरफ्तारियां और मकानों को गिराने की घटनाएं सामने आई हैं। दूसरी ओर लाल सागर में हूती समूह की कार्रवाई के बाद जहाजों की आवाजाही भी कम हुई है। इससे क्षेत्र में सुरक्षा और व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे माहौल में अमेरिका की भूमिका और उसकी विदेश नीति पर सवाल पहले से ज्यादा तेज हो गए हैं।
Updated on:
27 Jul 2026 08:13 am
Published on:
27 Jul 2026 07:47 am
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