पीएम मोदी ने 26/11 हमले पर कांग्रेस को घेरा, कहा कि उस समय की सरकार ने आतंकवाद के आगे घुटने टेक दिए। पी चिदंबरम ने जवाब देते हुए कहा कि पीएम मोदी के बयान में तथ्यात्मक त्रुटियां हैं और उन्होंने अपने शब्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है।
पीएम मोदी ने बुधवार को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस दौरान, उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए मुंबई में 26/11 आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष भी किया।
पीएम मोदी ने कहा कि मुंबई भारत के सबसे जीवंत शहरों में से एक है। यही कारण है कि आतंकवादियों ने 2008 में एक बड़े हमले के लिए मुंबई को चुना। लेकिन उस समय सत्ता में रही कांग्रेस सरकार ने कमजोरी का संदेश देते हुए आतंकवाद के आगे घुटने टेक दिए।
इस बयान को लेकर पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने पलटवार किया है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि मैं अखबारों में छपे माननीय प्रधानमंत्री के उन शब्दों की निंदा करता हूं, जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत 26/11 के बाद जवाब देने के लिए तैयार था, लेकिन कुछ देशों के दबाव के कारण, तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भारत के सशस्त्र बलों को पाकिस्तान पर हमला करने से रोक दिया।
पूर्व गृह मंत्री ने आगे लिखा कि बयान के तीन हिस्से हैं। उनमें से प्रत्येक गलत है, बहुत गलत है। अखबारों में खबर पढ़कर निराशा हुई कि भारत के माननीय प्रधानमंत्री ने इन शब्दों की कल्पना की और उन्हें मेरे नाम से जोड़ दिया।
बता दें कि पीएम मोदी ने 26/11 मामले को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए चिदंबरम का सीधे नाम नहीं लिया था। लेकिन इशारा साफ था क्योंकि चिदंबरम ने हाल ही में एक इंटरव्यू में 26/11 के हमलों के बारे में बात की थी।
एक इंटरव्यू के दौरान पूर्व गृह मंत्री ने खुलासा किया था कि 26/11 के हमलों के बाद उन्होंने बदला लेने की सोची थी। उन्होंने इस विचार पर प्रधानमंत्री और अन्य बड़े नेताओं से चर्चा भी की थी, लेकिन विदेश मंत्रालय ने इस मामले में कूटनीतिक तरीकों का इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने हमला न करने की बात कही। अंतरराष्ट्रीय दबाव को ध्यान में रखते हुए यह निष्कर्ष निकाला गया था।
इसपर, पीएम मोदी ने बुधवार को कहा कि हाल ही में, कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता, जो पूर्व गृह मंत्री भी रह चुके हैं, उन्होंने बड़ी बातें उजागर कीं। उन्होंने दावा किया कि मुंबई हमले के बाद, हमारी सेनाएं पाकिस्तान से उलझने को तैयार थीं। पूरा देश यही चाहता था। लेकिन उस वक्त तत्कालीन सरकार ने दूसरे देश के दबाव में भारतीय सेना को कार्रवाई करने से रोक दिया।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि कांग्रेस को हमें बताना चाहिए कि विदेशी दबाव में आकर किसने यह फैसला लिया, किसने मुंबई की राष्ट्रीय भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया। देश को जानने का अधिकार है। कांग्रेस की इस कमजोरी ने आतंकवादियों को मजबूत किया और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर किया, जिसकी कीमत देश को बार-बार जान गंवाकर चुकानी पड़ी।