Pakistani Wife Indian Husband: पहलगाम आतंकी हमले पाकिस्तान की एक महिला मीनल खान ने बताया उनकी शादी उनके बुआ के बेटे से ऑनलाइन निकाह के जरिए हुई थी, लेकिन अब उन्हें पाकिस्तान वापस लौटना पड़ रहा है।
Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले ने न केवल क्षेत्र में तनाव बढ़ाया है, बल्कि कई व्यक्तिगत कहानियों को भी सामने लाया है। इनमें से एक दिल दहला देने वाली कहानी है पाकिस्तान की एक महिला मीनल खान (नाम बदला हुआ) की, जो अपनी शादी और भारत में अपने सपनों को लेकर भावुक हो उठीं। मीनल ने बताया कि उनकी शादी उनके बुआ के बेटे से ऑनलाइन निकाह के जरिए हुई थी, लेकिन अब उन्हें पाकिस्तान वापस लौटना पड़ रहा है।
मीनल की कहानी तब सुर्खियों में आई, जब पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने सुरक्षा कारणों से कुछ वीजा नियमों को और सख्त कर दिया। मीनल का कहना है कि उनकी शादी दो महीने पहले एक भारतीय नागरिक, जो कुछ खबरों के अनुसार सीआरपीएफ जवान है, से ऑनलाइन हुई थी। लेकिन हमले के बाद उनकी भारत में रहने की अनुमति रद्द कर दी गई, जिसके चलते उन्हें पाकिस्तान वापस जाना पड़ रहा है।
पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। इस घटना के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्तों में और तनाव देखा जा रहा है। मीनल जैसे कई लोगों के लिए, जो दोनों देशों के बीच बंधे रिश्तों का हिस्सा हैं, यह समय बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। एक अन्य मामले में, भोपाल के एक इंजीनियर की दुल्हन भी पाकिस्तान में फंस गई है, क्योंकि हमले के बाद उसे भारत आने की अनुमति नहीं मिली।
पाकिस्तान वापसी के दौरान मीनल की आंखें नम थीं। उन्होंने कहा, “मेरी बुआ के बेटे से ऑनलाइन निकाह हुआ था। मैं अपने सपनों को भारत में पूरा करना चाहती थी, लेकिन अब सब खत्म हो गया।” उनकी इस भावुक कहानी ने सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा है। कई यूजर्स ने उनके दर्द को साझा करते हुए दोनों देशों के बीच शांति की अपील की है।
पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने सुरक्षा को लेकर कई कदम उठाए हैं, जिसमें वीजा नियमों को और सख्त करना भी शामिल है। हालांकि, मीनल जैसे मामलों ने मानवीय पहलू को भी उजागर किया है, जहां लोग राजनीतिक और सुरक्षा तनावों के बीच फंस गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच संवाद और शांति की जरूरत को रेखांकित किया है। मीनल की कहानी न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह उन हजारों लोगों की कहानी को भी दर्शाती है, जो सीमा के दोनों तरफ अपने प्रियजनों से मिलने की आस में हैं।