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पहलगाम आतंकी हमला: धर्म पूछकर चलाई गईं गोलियां, चश्मदीदों ने बयां किया खौफनाक मंजर

एक महिला पर्यटक ने भयभीत होकर बताया, उन्होंने हमसे पूछा—क्या तुम हिंदू हो? और जैसे ही हमने हां कहा, गोलियां चलने लगीं। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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Updated: 23 Apr 2025, 2:21 PM IST
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Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसारन इलाके में हुए ताजा आतंकी हमले ने घाटी में एक बार फिर खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि आतंकियों ने कथित तौर पर पर्यटकों से धर्म पूछकर गोलियां चलाईं। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों की मानें तो यह हमला न केवल निर्दोष पर्यटकों पर था, बल्कि कश्मीर की शांति, पर्यटन और सांप्रदायिक सौहार्द पर सीधा हमला था।

'धर्म पूछा और गोली चला दी…'

एक महिला पर्यटक ने भयभीत होकर बताया, उन्होंने हमसे पूछा—क्या तुम हिंदू हो? और जैसे ही हमने हां कहा, गोलियां चलने लगीं। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है और आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

मैंने तीन घायल लोगों को बचाया: स्थानीय लोग

घटना की भयावहता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्थानीय नागरिकों ने घायलों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक स्थानीय पर्यटक पुलिसकर्मी ने कहा, मैंने तीन घायल लोगों को बचाया। हम स्थानीय लोग घायलों की मदद के लिए सबसे पहले पहुंचे।

यह घटना पर्यटन को गहरी चोट पहुंचाएगी: स्थानीय नागरिक गुलज़ार

गुलज़ार अहमद नामक एक अन्य स्थानीय नागरिक ने कहा, हम स्टैंड पर खड़े थे। जैसे ही गोली चलने की आवाज आई, लोग इधर-उधर भागने लगे। यह घटना पर्यटन को गहरी चोट पहुंचाएगी। जो भरोसा हम सालों से बना रहे थे, वह एक झटके में टूट गया।

अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के बीच आतंकी हमला

यह आतंकी हमला ऐसे वक्त में हुआ है जब कश्मीर में हाल के वर्षों में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इसके अलावा, बहुप्रतीक्षित अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने वाली है, जिसको लेकर पूरे क्षेत्र में तैयारियां चल रही थीं। ऐसे में यह हमला घाटी की नाजुक स्थिति को फिर अस्थिर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

पर्यटकों पर नहीं, बल्कि कश्मीर की बदलती छवि पर हमला

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला सिर्फ पर्यटकों पर नहीं, बल्कि कश्मीर की बदलती छवि पर हमला है। हाल ही में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह द्वारा कश्मीर में बढ़ते पर्यटन को सांस्कृतिक आक्रमण कहे जाने के बाद इस तरह की घटना ने और भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार और सुरक्षाबल आतंकियों को माकूल जवाब देंगे? और क्या कश्मीर एक बार फिर डर और हिंसा की गिरफ्त में जाएगा या फिर आम कश्मीरी और देश मिलकर इस चुनौती का सामना करेंगे?

Updated on:
23 Apr 2025, 2:21 PM IST
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