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LPG Crisis: जमाखोरी रोकने के लिए छापेमारी, होटलों को ईंधन के लिए लकड़ी के इस्तेमाल की मंजूरी

LPG cylinder crisis: देश के कई राज्यों में गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं। राज्य स्तर पर सरकारों ने इसे लेकर एक्शन लेना शुरू कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर...

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LPG Cylinder

LPG सिलेंडर(File photo- Patrika)

LPG cylinder crisis: अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग का गहरा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। देश में LPG गैस सिलेंडरों की किल्लत की कई खबरें सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने रकार ने एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 लागू कर दिया है। साथ ही, LPG का प्रोडक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, राज्य स्तर पर भी सरकारें एक्शन मोड में आ गई हैं। राज्य सरकारों ने LPG गैस सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए छापेमारी के निर्देश दिए हैं। वहीं, कुछ राज्यों की सरकारों ने होटलों को ईंधन के लिए लकड़ी के इस्तेमाल की मंजूरी दी है।

कालाबाजारी न हों ये सुनिश्चित करें सूबे के अधिकारी: यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने LPG संकट पर प्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि ईंधन और कुकिंग गैस की जमाखोरी या कालाबाजारी के खिलाफ छापे मारें। प्रशासन को पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाए। अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि LPG गैस सिलेंडर की बिक्री सामान्य बनी रहे। यूपी के कई शहरों में LPG सिलेंडर का संकट साफ नजर आ रहा है। बुधवार को लखीमपुर, गोरखपुर और झांसी में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें नजर आई। लोगों ने कहा कि एडवांस बुकिंग के बावजूद उन्हें 5 से 10 दिनों से सिलेंडर नहीं मिले हैं। वहीं, गोरखपुर में पुलिस ने गैस एजेंसी की कतार में खड़े लोगों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

कर्नाटक के मंत्री ने LPG रिफिल डीलरों को दी चेतावनी

कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच मुनियप्पा ने LPG रिफिल डीलरों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसी संचालक ब्लैकमेलिंग या कालाबाजारी का सहारा न लें। ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।

होटलों और कैटरर्स को लकड़ी के इस्तेमाल की मंजूरी

मध्य प्रदेश के इंदौर में जिला प्रशासन ने कैटरर्स को खाना पकाने के पारंपरिक तरीकों लकड़ी और गोबर के उपलों के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। खाद्य नियंत्रक एम एल मारू ने कहा कि यह फैसला शहर के कैटरिंग एसोसिएशन के साथ हुई एक बैठक के बाद लिया गया। इंदौर के मशहूर 'चाट चौपाटी' के स्थानीय विक्रेताओं ने शहर की खान-पान संस्कृति को ज़िंदा रखने के लिए बिजली से चलने वाले उपकरणों का सहारा लिया है। आमतौर पर लकड़ी, कोयला, गोबर के उपलों, भट्ठियों और तंदूरों का इस्तेमाल करने पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जाता है।

पश्चिम बंगाल में लकड़ी वाले चूल्हे इस्तेमाल करने की इजाजत

पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूलों को मिड-डे मील के लिए लकड़ी वाले चूल्हे इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है। जलपाईगुड़ी सदर प्राइमरी गर्ल्स स्कूल के हेडमास्टर अरूप डे ने मीडिया को बताया कि बुधवार सुबह करीब 900 स्टूडेंट्स के लिए खाना बनाने के लिए लकड़ी खरीदी गई।

राजस्थान में हॉस्टलों ने लकड़ी के चूल्हों का इस्तेमाल शुरू किया

राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में कमर्शियल LPG की कमी के चलते कई हॉस्टलों ने लकड़ी और कोयले वाले चूल्हों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इन हॉस्टलों में करीब दो लाख स्टूडेंट्स रहते हैं। कोटा हॉस्टल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट नवीन मित्तल ने कहा कि मंगलवार से कोई सप्लाई नहीं आई है। हॉस्टल वाले अब कोयले और लकड़ी वाले चूल्हों पर खाना बना रहे हैं।

ओडिशा में भी लकड़ी व कोयला के चूल्हों का इस्तेमाल शुरू

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर की नगर निगम ने कहा कि शहर में चारकोल वाले चूल्हों के इस्तेमाल की इजाजत दे दी गई है। भुवनेश्वर की मेयर सुलोचना दास ने कहा कि LPG सप्लाई में रुकावट से भुवनेश्वर में रेस्टोरेंट चाय की दुकानों और टिफिन सर्विस जैसे छोटे बिजनेस पर बुरा असर पड़ा है।

शमशान घाट बंद, खाने-पीने की जगहों पर असर

केरल सरकार ने गैस की कमी के चलते गैस से चलने वाले सभी शमशान घाट बंद कर दिए और बुधवार को कुछ मशहूर रेस्टोरेंट भी बंद रहे। राज्य की राजधानी तिरुअनंतपुरम में एक मशहूर शाकाहारी होटल के को-ओनर कृष्णकुमार ने बताया कि मंगलवार से शहर के 50% से ज़्यादा होटल बंद पड़े हैं। उन्होंने रिपोर्टरों से कहा कि अगर सप्लाई की हालत तुरंत नहीं सुधरी, तो काम जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।

पूर्वोत्तर भारत में डीलरों के पास पहुंचा कुछ ही दिनों का स्टॉक

पूर्वोत्तर भारत में ज़्यादातर डिस्ट्रीब्यूटरों ने बताया कि उनके पास कुछ दिनों का स्टॉक बचा है। कोहिमा में गैस डीलरों ने कहा कि कमर्शियल LPG की मांग ज़्यादा है, लेकिन स्टॉक ठीक-ठाक है।