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पहलगाम हमले के पीड़ित की बेटी बोलीं- आतंकी के मारे जाने से न्याय की ओर बढ़ा एक कदम

पहलगाम आतंकी हमले में पिता को खोने वाली असावरी जगदाले ने बडगाम मुठभेड़ में आतंकी हाशिम मूसा के मारे जाने पर भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह न्याय की दिशा में एक कदम है, लेकिन अंतिम न्याय कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मिलेगा।
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Sep 30, 2026
Pahalgam Attack
पहलगाम पीड़ित की बेटी (ANI)

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हाशिम मूसा की मौत हो गई। इसको लेकर पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि आतंकी के मारे जाने की खबर उनके लिए भावुक और महत्वपूर्ण क्षण है।

असावरी जगदाले ने पहलगाम आतंकी हमले की घटना को याद करते हुए कहा कि जिस तरह लोगों को उनकी धार्मिक पहचान पूछकर निशाना बनाया गया, वह बेहद दर्दनाक था। उन्होंने कहा कि आज का दिन मेरे लिए सबसे खुशी के दिनों में से एक है। 

जगदाले ने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में जिस तरह हमारे लोगों की हत्या की गई और 26 लोगों की जान गई, उसे हम कभी नहीं भूल सकते। आज मुझे पता चला कि इस हमले की साजिश के पीछे बताए जा रहे आतंकी को मुठभेड़ में मार गिराया गया है।

सुरक्षा बलों का जताया आभार

इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों का आभार जताया। असावरी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां देश से आतंकवाद के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए अपना अभियान जारी रखें और सतर्कता बनाए रखें।

पिता की श्राद्ध के दिन किया था उन्हें याद

असावरी ने बताया कि अपने पिता की श्राद्ध की रस्म के दौरान उन्होंने उनकी तस्वीर से बात की थी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों में 22 अप्रैल के हमले में मारे गए 26 लोगों के बलिदान की भी भूमिका है।

उन्होंने कहा कि मैंने अपने पिता से कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जो भी अभियान चल रहे हैं, वे आप सभी के बलिदान की वजह से हैं। उन 26 लोगों का बलिदान इन अभियानों के पीछे एक बड़ी वजह है।

उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में आतंकी के मारे जाने की खबर सुनकर वह भावुक हो गईं और उन्होंने भारतीय सेना तथा अभियान में शामिल सभी एजेंसियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

‘न्याय की दिशा में एक अध्याय पूरा हुआ’

असावरी ने कहा कि आतंकी का मारा जाना न्याय की दिशा में एक कदम है, लेकिन पूरा न्याय कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी उन्हें लगा था कि आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया गया है।

असावरी ने कहा कि आज मुझे लगता है कि 26 परिवारों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। जिस योजना के कारण उनके प्रियजनों की जान गई, उससे जुड़े आतंकी के मारे जाने से मामले का एक अध्याय खत्म हुआ है।”

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अपनी जांच जारी रखनी चाहिए और जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती तथा अदालत का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक न्याय की प्रक्रिया जारी रहेगी।

Updated on:
30 Sept 2026 01:55 pm
Published on:
30 Sept 2026 12:31 pm