हरियाणा के पानीपत रिफाइनरी में कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान हिंसक झड़प से हालात बिगड़ गए। पथराव और तोड़फोड़ के बाद CISF व पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया।
हरियाणा के पानीपत स्थित रिफाइनरी में सोमवार को उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब हड़ताल पर बैठे हजारों कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के बीच विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तय दायरे में रहने की अपील ने माहौल को संभालने के बजाय और अधिक उग्र बना दिया। देखते ही देखते प्रदर्शनकारी भीड़ आक्रामक हो गई और रिफाइनरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों ने कर्मचारियों से संयम बरतने और निर्धारित क्षेत्र में रहकर विरोध जताने की अपील की थी। हालांकि, इस अपील के बाद कुछ प्रदर्शनकारी लाठी-डंडों के साथ आगे बढ़े और पीछे से सैकड़ों लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि निर्माणाधीन प्रोजेक्ट क्षेत्र में खड़ी कई गाड़ियों को पलटकर तोड़फोड़ की गई। अचानक हुए इस हमले से रिफाइनरी परिसर में हड़कंप मच गया। पथराव में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और एहतियातन कुछ समय के लिए संचालन कार्य भी रोकना पड़ा।
स्थिति गंभीर होती देख Central Industrial Security Force (CISF) और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। सुरक्षा बलों ने संयम दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को पीछे हटने और शांतिपूर्ण वार्ता का रास्ता अपनाने की अपील की। भारी विरोध और तनाव के बावजूद प्रशासन ने धैर्य बनाए रखा और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बातचीत शुरू हुई। कर्मचारियों ने अपनी मांगें पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखीं और जल्द समाधान की उम्मीद जताई।
पानीपत रिफाइनरी क्षेत्र पहले भी श्रमिक आंदोलनों को लेकर सुर्खियों में रहा है, लेकिन इस बार हिंसा का स्तर अधिक गंभीर बताया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।