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‘सनातन और मंदिर का पैसा लूटने वालों का पर्दाफाश करना क्या गलत है?’, पप्पू यादव का BJP पर हमला

राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बीजेपी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मंदिरों के पैसे और सनातन की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
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Updated: 1 Aug 2026, 8:58 PM IST
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निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (फाइल फोटो - आईएएनएस)

Pappu Yadav on Ram Mandir Donation: राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर बढ़े राजनीतिक घमासान के बीच निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बीजेपी पर पलटवार किया है। भागलपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सनातन और मंदिर के पैसे की कथित लूट को उजागर करना गलत नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि मंदिरों की संपत्ति और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा करना क्या गलत है। पप्पू यादव ने कहा कि विरोध कितना भी हो या गोली ही क्यों न खानी पड़े वह इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

पप्पू यादव ने क्या कहा?

पप्पू यादव ने कहा, "सनातन और मंदिर के पैसे लूटने वालों का पर्दाफाश करना क्या गलत है? मंदिरों की रक्षा करना और करोड़ों लोगों की आस्था को बचाना क्या गलत है?" उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता कुछ भी कहते रहें, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना था कि विरोध कितना भी हो या गोली ही क्यों न खानी पड़े, वह इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर साधु के वेश में संसद पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया। विपक्ष का कहना था कि उसका उद्देश्य राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को उठाना था। वहीं बीजेपी ने इसे सनातन परंपरा और संत समाज का अपमान बताया।

पहले भी दर्ज हो चुकी हैं कई शिकायतें

इस प्रदर्शन को लेकर पहले भी कई जगह शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। शुक्रवार को दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने में पप्पू यादव के खिलाफ शिकायत दी गई थी। वहीं शनिवार को वाराणसी में संतों और अधिवक्ताओं की ओर से भी मामला दर्ज कराया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि भगवा वस्त्र पहनकर इस तरह का राजनीतिक प्रदर्शन करने से हिंदू धार्मिक प्रतीकों, संत समाज और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। दूसरी तरफ विपक्ष का कहना है कि उनका विरोध किसी धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर था।

Updated on:
1 Aug 2026, 8:58 PM IST
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