दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जंतर-मंतर की घटना में शामिल छात्रा को माफ करने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्रा के वकील अनिल सिंह ने एफआईआर में दर्ज जानकारी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि छात्रा की उम्र और काम को लेकर गलत तथ्य लिखे गए हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रा 15 साल की है और ओपन स्कूल से 10वीं की पढ़ाई कर रही है। अनिल सिंह ने कहा कि एफआईआर में छात्रा को सैलून में काम करने वाली बताया गया है, जबकि यह जानकारी सही नहीं है।