1 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पीएम मोदी की माफी छात्रा के लिए बना बर्थडे गिफ्ट, वकील बोले- जन्मदिन पर मिला बड़ा उपहार

Student FIR Case: पीएम नरेंद्र मोदी की माफी को छात्रा के वकील अनिल सिंह ने उसके जन्मदिन का खास उपहार बताया है। वकील ने कहा कि छात्रा की उम्र 15 साल है और FIR में दर्ज जानकारी सही नहीं है।
2 min read
Google source verification
Student FIR Case

माफी मांगती लड़की और पीएम नरेंद्र मोदी। फोटो- (X @PrasantGopinat)

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जंतर-मंतर की घटना में शामिल छात्रा को माफ करने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्रा के वकील अनिल सिंह ने एफआईआर में दर्ज जानकारी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि छात्रा की उम्र और काम को लेकर गलत तथ्य लिखे गए हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रा 15 साल की है और ओपन स्कूल से 10वीं की पढ़ाई कर रही है। अनिल सिंह ने कहा कि एफआईआर में छात्रा को सैलून में काम करने वाली बताया गया है, जबकि यह जानकारी सही नहीं है।

वकील का आरोप

उन्होंने कहा कि उन्होंने एफआईआर पढ़ी है और यह बिना पूरी जांच के दर्ज की गई है। वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले में जल्दबाजी दिखाई है। उन्होंने बताया कि अभी तक पुलिस की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है और न ही किसी पुलिसकर्मी का फोन आया है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया है। वकील ने बताया कि शुक्रवार को छात्रा का जन्मदिन था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से माफी का संदेश उसके लिए खास उपहार जैसा है।

पीएम मोदी ने जारी किया था वीडियो

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुई घटना को लेकर शुक्रवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा कि घटना में कुछ बच्चों ने बेहद अभद्र और असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे पूरे देश और दुनिया ने देखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके खिलाफ और उनकी दिवंगत माता को लेकर की गई टिप्पणियां बेहद दुखद थीं, लेकिन वह इस मामले को नफरत या कटुता के नजरिए से नहीं देखना चाहते।

'गलतियों को सुधारने का अवसर मिलना चाहिए'

प्रधानमंत्री ने कहा कि बचपन में गलतियां होना स्वाभाविक है और बच्चों को अपनी गलतियों को सुधारने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में इस घटना को लेकर नाराजगी को वह समझते हैं, लेकिन इन बच्चों को सजा देने या समाज से दूर करने के बजाय उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गुमराह बच्चों को सही रास्ते पर लाना समाज की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रा को माफ करने की बात कहते हुए कहा कि उनके मन में बच्चों के भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी गलतियों से सीखें और देश के विकास में भागीदार बनें। बता दें कि इससे पहले लड़की ने एक वीडियो जारी कर पीएम मोदी से माफी भी मांगी थी।