दीपके की इस टिप्पणी का सीधा इशारा उन छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों की ओर है, जिनके खिलाफ आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई थी। उनका सवाल है कि अगर प्रधानमंत्री छात्रों को माफ करने की बात कह रहे हैं, तो क्या सरकार उनके खिलाफ दर्ज मामलों को भी वापस लेने पर कोई फैसला करेगी?