जैसे ही राहुल ने किताब से उद्धरण पढ़ना शुरू किया, सदन में भारी हंगामा मच गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत खड़े हो गए और आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'यह किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है।
लोकसभा में सोमवार को दूसरे दिन बजट सत्र के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान सरकार को कड़ी घेराबंदी की। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब 'Four Stars of Destiny' के अंशों का हवाला देते हुए डोकलाम विवाद (2017) पर गंभीर आरोप लगाए।
राहुल गांधी ने सदन में कहा कि किताब के अनुसार डोकलाम में चीनी सेना के चार टैंक भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे और वे कैलाश रिज तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने दावा किया, 'चीनी टैंक भारतीय सीमा के बहुत करीब आ गए थे, लगभग 100 मीटर तक। यह पूर्व आर्मी चीफ के संस्मरण से लिया गया है, जो 100% भरोसेमंद है।' राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस किताब को प्रकाशित नहीं होने दे रही है, क्योंकि इसमें संवेदनशील तथ्य हैं जो मोदी सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं इस मुद्दे को उठाना नहीं चाहता था, लेकिन देशभक्ति पर सवाल उठाने के जवाब में मेरे पास यह सबूत है।'
जैसे ही राहुल ने किताब से उद्धरण पढ़ना शुरू किया, सदन में भारी हंगामा मच गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत खड़े हो गए और आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'यह किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है। सदन में अप्रकाशित किताब या मैगजीन के अंश का हवाला नहीं दिया जा सकता। राहुल गांधी नियम तोड़ रहे हैं।' राजनाथ ने राहुल को चुनौती दी कि वे बताएं किताब छपी है या नहीं, और दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।
गृह मंत्री अमित शाह भी आगबबूला हो गए। उन्होंने राहुल से पूछा, 'क्या यह पुस्तक प्रकाशित हुई है? आप किसी का लिखा नहीं पढ़ सकते।" शाह ने कहा कि राहुल ने खुद स्वीकार किया है कि किताब अप्रकाशित है, इसलिए उनका दावा निराधार है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी हस्तक्षेप किया और कहा कि सदन नियमों से चलता है, अप्रकाशित सामग्री का जिक्र नियम विरुद्ध है।
राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि उनका सोर्स एक मैगजीन आर्टिकल है, जिसमें किताब के अंश छपे हैं, और यह भरोसेमंद है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वे किताब को दबा रहे हैं क्योंकि इसमें लद्दाख गतिरोध (2020) और डोकलाम जैसे मुद्दों पर असुविधाजनक खुलासे हैं। सदन में यह विवाद इतना बढ़ गया कि स्पीकर ओम बिरला को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने राहुल को राष्ट्रपति अभिभाषण पर फोकस करने को कहा, लेकिन हंगामा जारी रहा और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।