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SIR में नागरिकता साबित करने के लिए मान्य होगा पासपोर्ट, केंद्र सरकार के बयान को चुनाव आयोग ने पलटा

Passport Rows: पासपोर्ट को लेकर बढ़े बवाल के बीच चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार के फैसले को बदल दिया है। उन्होंने कहा है कि पासपोर्ट को नागरिकता साबित करने के लिए मान्य माना जाएगा।
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Updated: 25 Jun 2026, 11:05 PM IST
Indian Passport 2026
Passport Seva Kendra: पासपोर्ट बनाने के शुल्क में होगी बढ़ोत्तरी (Photo Source - AI)

पासपोर्ट को लेकर छिड़े विवाद ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। विदेश मंत्रालय ने 24 जून 2026 को पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर साफ कहा कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा का दस्तावेज है, यह भारत की नागरिकता साबित करने का प्रमाण नहीं है।

यह बयान मतदाता सूची संशोधन (SIR) और नागरिकता से जुड़ी बहस के बीच आया है। कई लोग पासपोर्ट को अपने भारतीय होने का सबसे मजबूत सबूत मानते थे।

इस पर विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने दो टूक कहा कि पासपोर्ट विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए है। विदेश में यह राष्ट्रीयता की पहचान करता है, लेकिन भारत में यह नागरिकता का अंतिम फैसला करने वाला दस्तावेज नहीं है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

इस बीच, भारत में चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार के फैसले को पलट दिया है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि एसआईआर के तहत, मतदाता सूची में अपनी पात्रता साबित करने के लिए मतदाताओं को जिन 12 मान्य सहायक दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, उनमें भारतीय पासपोर्ट भी शामिल है। इसके जरिए, वह भारतीय होने का प्रमाण दे सकते हैं।

किन किन राज्यों में अब शुरू होगा SIR?

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड में SIR का काम शुरू होने जा रहा है।

इस दौरान बीएलओ (बूथ लेवल अफसर) घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे, वे मृत/स्थानांतरित/डुप्लिकेट नाम वेरिफाई करके वोटर लिस्ट से हटाएंगे। साथ ही पात्र नए मतदाताओं को भी जोड़ेंगे।

पासपोर्ट पर विवाद क्यों उठ रहा है?

भारतीय पासपोर्ट को आम तौर पर नागरिकता का मजबूत दस्तावेज माना जाता है, लेकिन कानूनी नजरिए से हर स्थिति में इसे अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता। इसी बात को लेकर विवाद खड़ा हुआ है।

कानून क्या कहता है?


पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत सामान्य व्यवस्था यह है कि पासपोर्ट भारतीय नागरिक को जारी किया जाता है। आवेदन मिलने के बाद पासपोर्ट प्राधिकरण आवेदक की पहचान, पता और अन्य जरूरी तथ्यों की जांच करता है। अगर जांच में यह सामने आए कि व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है, तो उसे पासपोर्ट देने से इनकार किया जा सकता है।

फिर विवाद की वजह क्या है?


विवाद की जड़ इसी कानून की धारा 20 है। यह धारा केंद्र सरकार को विशेष परिस्थितियों में किसी गैर-नागरिक को भी पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज जारी करने की छूट देती है, यदि सरकार को लगे कि ऐसा करना जनहित में जरूरी है। सरकार का पक्ष इसी अपवाद पर आधारित है।

Updated on:
25 Jun 2026, 11:05 PM IST
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