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मनेर एनकाउंटर के बाद अस्पताल में बवाल, परिजनों ने युवक को पीटा, ASP समेत 3 पुलिसकर्मी घायल

मनेर में तीन अपराधियों के एनकाउंटर के बाद दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में हंगामा हो गया। मृतकों के परिजनों ने रिंकू माली पर उन्हें घर से ले जाने का आरोप लगाया और उसके साथ मारपीट की। बीच-बचाव में दानापुर ASP अजित कुमार समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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Updated: 6 Nov 2026, 12:28 PM IST
Maner Encounter
अस्पताल में बवाल (फोटो- वीडियो ग्रैब IANS/X)

Maner Encounter: पटना के मनेर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को तीन अपराधियों के एनकाउंटर के बाद दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। तीनों अपराधियों के शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाए गए थे। इसी दौरान रिंकू माली नाम का एक व्यक्ति वहां पहुंचा, जिसे मृतकों के परिजनों ने घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम के जवान भी इस दौरान घायल हो गए। परिजनों का आरोप है कि रिंकू माली ही इन तीनों लोगों को उनके घरों से बाहर ले गया था, जिसके कुछ ही देर बाद पुलिस एनकाउंटर में वो मारा गया।

रिंकू माली पर फूटा परिजनों का गुस्सा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही थी, तभी रिंकू माली वहां पहुंचा। उसे देखते ही मारे गए अपराधियों के परिजन भड़क गए। उन्होंने रिंकू पर आरोप लगाया कि वही इन तीनों को उनके घरों से ले गया था। उनका दावा है कि यह पुलिस एनकाउंटर रिंकू द्वारा दी गई जानकारी या उसकी रची गई किसी साजिश का नतीजा था।

गुस्साई भीड़ ने रिंकू पर हमला कर दिया और उसे लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। उसने अस्पताल के गलियारों से भागकर अपनी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन हिंसक भीड़ ने उसे घेर लिया और लगातार मारते रहे, जिससे अस्पताल परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

बीच-बचाव करने आए ASP समेत तीन पुलिसकर्मी घायल

अस्पताल में युवक की जान खतरे में देख सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारी और जवानों ने तुरंत बीच-बचाव किया। दानापुर ASP अजीत कुमार ने उस व्यक्ति को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित निकाल लिया। इस हस्तक्षेप से भड़की भीड़ ने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया, जिससे वहां हिंसक झड़प हो गई।

हाथापाई और पत्थरबाजी के बीच, दानापुर के ASP अजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के दौरान, भीड़ के हमले में एक महिला कांस्टेबल और एक सब-इंस्पेक्टर के सिर पर चोटें आईं, जिससे वे बुरी तरह लहूलुहान हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया।

पुलिस और परिजनों के बीच भी बहस

इस हंगामे से पहले अस्पताल परिसर के अंदर पुलिस और मारे गए अपराधियों के परिजनों के बीच तीखी बहस हो गई। दरअसल, आक्रोशित रिश्तेदार शवों को देखने की जिद कर रहे थे और जबरन पोस्टमार्टम रूम की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। जब पुलिस अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रियाओं और वीडियोग्राफी की अनिवार्यता का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से रोका, तो रिश्तेदार भड़क गए। इसके बाद तीखी बहस हुई, जो धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई।

Updated on:
6 Nov 2026, 12:28 PM IST
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