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Patrika Explainer: गाओकाओ से जीआरई तक, बिना पेपर लीक और गड़बड़ी के ऐसे कराई जाती हैं दुनिया की कठिन परीक्षाएं

NEET UG पेपर लीक विवाद के बाद जानिए दुनिया की सबसे बड़ी और कठिन प्रवेश परीक्षाएं कैसे बिना गड़बड़ी कराई जाती हैं। चीन के गाओकाओ, अमेरिका-कनाडा के GRE और दक्षिण कोरिया की CSAT जैसी परीक्षाओं में पेपर सुरक्षा, AI निगरानी और कड़े प्रोटोकॉल कैसे काम करते हैं, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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Updated: 23 Jun 2026, 2:35 AM IST
Toughest Exam
Toughest Exam Of World(AI Image-ChatGpt)

Toughest Exam Of World: हाल में नीट यूजी का पेपर लीक होने के बाद दोबारा उसके पेपर कराए गए। यह मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए सबसे बड़ा एग्जाम है,लेकिन दुनिया में इससे भी बड़े और कठिन कई ऐसे टेस्ट हैं जिन्हें सफलतापूर्वक कराया जाता है। इसके लिए कड़ी निगरानी के साथ ही प्रश्न पत्र तैयार करने में भी विशेष सतर्कता बरती जाती है। ऐसे में जानते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ी परीक्षाओं को कैसे बिना गड़बड़ी के कराया जाता है।

गाओकाओ का पेपर जेल में


दुनिया का सबसे बड़ा एंट्रेस एग्जाम चीन के गाओकाओ को माना जाता है। चीनी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए 7 व 8 जून को हुई इस परीक्षा में 1.29 करोड़ छात्र शामिल हुए। इस परीक्षा का प्रश्रपत्र बनाने वाले विशेषज्ञों को पेपर पूरा होने तक लॉकडाउन में रखा जाता है। प्रश्रपत्रों की प्रिंटिंग भी मिलिट्री बेस या कड़ी सुरक्षा वाली जेलों में की जाती है। परीक्षा के दिन पूरे चीन में लॉकडाउन जैसी स्थिति होती है। गाडिय़ों के हॉर्न बजाने पर पाबंदी,परीक्षा केंद्रों पर जाने वाली सडक़ों को आम जनता के लिए बंद कर दिया जाता है। शहर में बंदी जैसा माहौल रहता है।

टेस्ट कराने में एआइ का इस्तेमाल


अमरीका- कनाडा में होने वाले ग्रेजुएट रिकॉर्ड एग्जाम में पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकने के लिए अब परीक्षा कराने वाली संस्था एआइ प्रोक्टोरिंग का इस्तेमाल करती है। पेपरों की प्रिटिंग भी हर छात्र के लिए एन्क्रिप्टेड रूप में की जाती है। कंप्यूटर पर होने वाली परीक्षा में एआइ- सॉफ्टवेयर व इंसानी प्रॉक्टर छात्र की आंखों की मूवमेंट व डेस्कटॉप एक्टिविटी पर निगरानी रखते हैं।

द.कोरिया में बहुस्तरीय प्रोटोकॉल

द.कोरिया में होने वाली कॉलेज शैक्षिक योग्यता परीक्षा भी दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है। आठ घंटे की इस परीक्षा को बिना गड़बड़ी संपन्न कराने के लिए प्रश्रपत्र बनाने वाले विशेषज्ञों को दुनिया से अलग-थलग रखा जाता है। पेपरों को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए 10 हजार पुलिस अधिकारी तैनात किए जाते हैं। साथ ही कई लेयर पर प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाता है।

दुनिया के पांच सबसे बड़ी और कठिन परीक्षाएं

  • गाओकाओ एग्जाम- चीन
  • आइआइटी-जेईई- भारत
  • यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा- भारत
  • मेन्सा- ब्रिटेन
  • ग्रेजुएट रिकॉर्ड एग्जाम- अमरीका-कनाडा
Updated on:
23 Jun 2026, 2:35 AM IST
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