
Pawan Khera on Anti-Indian Racism: कांग्रेस पार्टी ने अमेरिका में भारतीय छात्रों और भारतीय मूल के नागरिकों के खिलाफ नस्लीय हमलों और हेट स्पीच को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। अर्थशास्त्री सौमित्र शुक्ला के सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि अमेरिका में भारतीयों के लिए माहौल लगातार खराब और असुरक्षित होता जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए तुरंत सुरक्षा एडवाइजरी जारी करे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने लिखा कि डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिका भारतीयों के प्रति लगातार खतरनाक होता जा रहा है। छात्रों पर नस्लीय हमलों से लेकर अमेरिकी संस्थानों में भारत-विरोधी बयानों तक, वहां भारतीयों को जिस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए खेड़ा ने कहा कि पीएम मोदी हमेशा डोनाल्ड ट्रंप के सबसे बड़े चीयरलीडर रहे हैं, लेकिन अब जब वहां भारतीयों के लिए खतरा बढ़ रहा है, तो वे पूरी तरह चुप हैं।
विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि व्यक्तिगत राजनीतिक नजदीकी के लिए विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के सम्मान और गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने नस्लीय हमलों के डर के बीच अमेरिका में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। कांग्रेस नेता ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाने की योजना बना रहे छात्रों के लिए तुरंत एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी करे।
पवन खेड़ा ने यह पोस्ट तब किया जब द बर्निंग ग्लास इंस्टीट्यूट के अर्थशास्त्री सौमित्र शुक्ला ने सोशल मीडिया एक्स पर अपना एक अनुभव साझा किया। उन्होंने लिखा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारतीयों के खिलाफ की जा रही नस्लीय टिप्पणियों से वे बहुत परेशान हैं और कुछ समय के लिए इन प्लेटफॉर्म से दूर रहने पर विचार कर रहे हैं।
सौमित्र शुक्ला ने आरोप लगाया कि यह नफरत अब सोशल मीडिया के सीमित दायरे तक ही सीमित नहीं है। हाल ही में, अमेरिकी शिक्षा विभाग जैसे संस्थानों को भी नस्लीय टिप्पणी करते देखा गया है। शुक्ला ने कहा कि इन हालात को देखते हुए यह साफ है कि अमेरिका में रहने वाले भारतीयों की गरिमा और मानवाधिकारों पर खतरा मंडरा रहा है।