
Chief Election Commissioner News: देशभर में चीफ इलेक्शन कमीश्नर ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार हमला बोल रही हैं। उन पर वोट चोरी और बीजेपी का साथ देकर भारत के लोकतंत्र की हत्या करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए देश की चुनावी प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि संविधान में एक बात बिल्कुल स्पष्ट रूप से है कि वोट की वैल्यू एक समान रहेगी चाहे कोई गरीब हो या अमीर या किसी भी पार्टी का समर्थक हो या न हो। साथ ही उन्होंने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की दूरदर्शिता की भी तारिफ की। ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि वोट चोरी के लिए एक सीक्रेट मिशन चल रहा है और इसमें ज्ञानेश कुमार को भी शामिल किया गया था लेकिन अब यह सिक्रेट नहीं रहा।
पवन खेड़ा ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने भारत की जनता के वोट की वैल्यू को अलग-अलग बांट दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान निर्माताओं ने एक ऐसा ड्राफ्ट तैयार किया था, जिसमें सभी के वोट की वैल्यू एकसमान थी। खास तौर से बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने एक बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया था कि बाकी चीजों का पैमाना या दर्जा अलग-अलग हो सकता है, लेकिन हर वोट की कीमत बराबर होनी चाहिए। लेकिन अभी जो लोग सत्ता में हैं, वे संविधान के इतने खिलाफ हैं कि उन्होंने वोटरों को अलग-अलग श्रेणियों में बांट दिया है। एक वीआईपी और दूसरा आम नागरिक में।
पवन खेड़ा ने बताया कि राहुल गांधी पिछले डेढ़ साल से वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की दूरदर्शिता की तारिफ करते हुए कहा कि वे एक ऐसे नेता है जो यह कह सकते है कि 'मैने तो पहले ही कहा था।' क्योंकि वे जिस भी मुद्दे को उठाते है वह आगे जाकर सच होता ही है। वे पिछले डेढ़ साल से वोट चोरी का मुद्दा और इसमें 'SIR' की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि 'SIR' के जरिए चलाए जा रहे एक 'सीक्रेट मिशन' के तहत देशभर में 13 करोड़ से अधिक लोगों के मताधिकार को छीन लिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह गुप्त मिशन अब बेनकाब हो चुका है और सुखबीस सिंह संधू जी तथा विवेक जोशी जी के खुलासों ने इस पूरे खेल को बिगाड़ कर जनता के सामने सच ला दिया है।