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केरल में चुनाव हारने के बाद पहली बार आया पूर्व सीएम पिनरई विजयन का बयान, बोले-‘हम वापसी करेंगे’

Pinarayi Vijayan On Assembly Election 2026: केरल चुनाव में करारी हार के बाद पहली बार पूर्व सीएम पिनराई विजयन ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने जनता के फैसले को स्वीकार करते हुए एलडीएफ की मजबूत वापसी का दावा किया। दूसरी ओर सीपीआई(एम) के भीतर नेतृत्व को लेकर असंतोष और बगावत की आवाजें तेज होती दिख रही हैं।
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May 19, 2026
kerala ex cm Pinarayi Vijayan
पिनरई विजयन(फोटो-ANI)

Pinarayi Vijayan: केरल में नए मुख्यमंत्री के तौर पर कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने शपथ ले ली। 10 साल के पिनरई विजयन सरकार को चुनाव में हराकर कांग्रेस की वापसी हुई है। अब विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री और अब विपक्ष के नेता पिनरई विजयन का बयान सामने आया है। उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी है। लंबे समय तक चुप रहने के बाद उनका बयान ऐसे वक्त आया है, जब सीपीआई(एम) के अंदर ही नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार को अपने गृह जिले कन्नूर में आयोजित एक पार्टी कार्यक्रम में विजयन ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में एलडीएफ सरकार ने राज्य के विकास के लिए कई बड़े कदम उठाए। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, कचरा प्रबंधन और महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में किए गए कामों का जिक्र किया।

जनता के फैसले को स्वीकार करते हैं-विजयन


विजयन ने कहा कि जनता ने जो फैसला दिया है, उसे वे पूरी तरह स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार अगर जनता के हित में काम करेगी तो वामपंथ उसका समर्थन करेगा, लेकिन अगर नीतियां गलत दिशा में जाएंगी तो विपक्ष की भूमिका निभाते हुए विरोध भी किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि एलडीएफ और सीपीआई(एम) खत्म नहीं हुए हैं और वे मजबूत वापसी करेंगे। हार के बाद से विजयन सार्वजनिक रूप से लगभग गायब हो गए थे। उन्होंने सिर्फ एक छोटा सोशल मीडिया मैसेज जारी किया था।

दरअसल, 4 मई को आए चुनाव नतीजों ने केरल की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने जबरदस्त जीत हासिल करते हुए 102 सीटें हासिल कर लीं। वहीं, लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने का सपना देख रही एलडीएफ सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गई।

आसान नहीं विजयन की राह


पूर्व सीएम विजयन के सामने एक मुसीबत सामने खड़ी है। आपको बता दें कि पार्टी के अंदर असंतोष बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि सीपीआई(एम) की जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में कई नेताओं ने खुलकर विजयन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कुछ नेताओं का मानना है कि सत्ता और फैसलों का केंद्रीकरण बहुत ज्यादा हो गया था। कई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नेतृत्व आम पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से दूर होता चला गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुछ बैठकों में तो विजयन को विपक्ष के नेता पद से हटाने तक की मांग उठी।

Updated on:
19 May 2026 10:14 pm
Published on:
19 May 2026 10:05 pm